सीटू से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन हुआ, जिसमें सात प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने राज्य व केंद्र सरकार को गरीब विरोधी बताया। उन्होंने रैली निकाल केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सोमवार को जिला पंचायत सभागार में सीटू से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेविका कर्मचारी यूनियन का चतुर्थ राज्य स्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊषा रानी ने कहा कि केंद्र सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास कर रही है, जिससे आंगनबाड़ी से जुड़े 27 लाख गरीब कार्यकर्ता व सहायिकाओं समेत साढे़ सात करोड़ नौनिहालों और पौने दो करोड़ गर्भवती महिलाओं पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सम्मेलन के बाद कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मोटर मार्गों पर सरकार के विरोध में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों में संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कमला सती, महामंत्री चित्रा, लक्ष्मी पंत, मंजू उनियाल, देवानंद नौटियाल, ज्योतिका पांडे, सुनीता भट्ट आदि शामिल थे।
उत्तरकाशी। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार से कलक्ट्रेट में धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी नौटियाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं को सफल बनाने तथा दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी सेवाओं को पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहम योगदान दे रही हैं, लेकिन इसके बदले सरकार की तरफ से कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों में लक्ष्मी नौटियाल, सुमित्रा देवी, पुष्पा, रेखा, ममता, शिब्बी बिष्ट, संगीता सेमवाल आदि शामिल थीं।
यह है मांगे
- राज्य कर्मचारी का दर्जा देने
- प्रति माह 18 हजार रुपये वेतन देने
- मिनी आंगनबाड़ी को उच्चीकृत करने
- शीतकाल व ग्रीष्मकाल अवकाश देने
- यात्रा आदि भत्ते देने
- समान कार्य के लिए समान वेतन