पेयजल निगम के सख्त रुख के बाद जल संस्थान ने श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना की पाइप लाइन की मरम्मत कर दी है। हालांकि अभी तक संस्थान निगम को हस्तांतरण संबंधी पत्रावलियां उपलब्ध नहीं करा पाया है।
12 करोड़ 70 लाख की लागत से निर्मित श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना के संचालन पर पेयजल निगम एवं जल संस्थान में रार चल रही है। वर्तमान में श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के डीएसबी (डी फिल्टर बेसिन) से फिल्टर प्लांटों तक निगम पानी की सप्लाई कर रहा है। इससे आगे संस्थान की सप्लाई है।
पिछले दिनों श्रीकोट के नीचे पाइप लाइन फटने पर निगम ने पानी की सप्लाई रोक दी थी। हालांकि निगम की ओर से बीच-बीच में जलापूर्ति की गई। इससे पौड़ी और श्रीनगर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई थी। निगम का तर्क है कि पिछले डेढ़ साल वह संस्थान को पानी दे रहा है। इसके एवज में निगम को एक धेला नहीं मिला, जबकि मरम्मत के लिए पैसे जरूरत होती है। निगम ने आठ लाख रुपये का बिल भी संस्थान को भेजा है।
दोनों विभागों की रार खत्म करने के लिए गत 13 नवंबर को प्रभारी जिलाधिकारी पीके आर्य की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि 16 नवंबर तक संस्थान निगम को हस्तांतरण संबंधी कागजात दे देगा। साथ ही पाइप लाइन की मरम्मत करवा देगा। इस बीच जल संस्थान ने पाइप लाइन की मरम्मत करवा दी, लेकिन अभी तक निगम को हस्तांतरण संबंधी फाइल नहीं मिली है। संस्थान के सहायक अभियंता कृष्णकांत के अनुसार हस्तांतरण संबंधी फाइल तैयार की जा रही है। जल्दी निगम को फाइल भेज दी जाएगी।