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हिमालय क्षेत्र में मछलियों की उन्नत प्रजाति करेंगे पैदा

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एचएनबी गढ़वाल विवि के जंतु एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) के एनबीएफजीआर (राष्ट्रीय मत्स्य अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो) लखनऊ के बीच शोध कार्यों के लिए एमओयू (अनुबंध) हो गया है। दोनों संस्थान हिमालय क्षेत्र में मछलियों की उन्नत प्रजाति विकसित करने के साथ ही मत्स्य पालन को रोजगार का साधन बनाने के लिए एक साथ काम करेंगे।
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बृहस्पतिवार को गढ़वाल विवि और एनबीएफजीआर के बीच एमओयू हुआ। इस दौरान हुई गोष्ठ का शुभारंभ मुख्य अतिथि एनबीएफजीआर के निदेशक डा. कुलदीप के लाल, गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल और डीन लाइफ साइंस प्रो. आरपी भट्ट ने किया। डा. लाल ने एनबीएफजीआर उन्नत प्रजाति की मछलियों के बीज तैयार करने के साथ ही मछलियों के संवर्धन और संरक्षण के लिए काम कर रहा है। पहाड़ के क्षेत्र में गढ़वाल विवि के साथ मिलकर काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
कुलपति प्रो. नौटियाल ने कहा कि एनबीएफजीआर के साथ एमओयू होना बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि दोनों संस्थान साथ मिलकर जनता के हित के लिए काम करेंगे। कार्यक्रम संयोजक प्रो. प्रकाश नौटियाल ने एमओयू के तहत होने वाले कार्यों से अवगत कराया। प्रो. मंजू गुसाईं ने विभाग के इतिहास पर प्रकाश डाला। एमओयू पर गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. नौटियाल व विभागाध्यक्ष प्रो. बीएस बिष्ट और एनबीएफजीआर की ओर से निदेशक डा. लाल व वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. गौरव राठौड़ ने हस्ताक्षर किए।
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