राजकीय मेडिकल कॉलेज में राज्य कोटे के पोस्ट एमबीबीएस पीजी डिप्लोमा और पीजी (एमएस/एमडी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू हो गए हैं। मेडिकल कॉलेज में पहली बार सत्र 2021-22 से पीजी पाठ्यक्रम संचालित होंगे। पहले दिन एमडी पाठ्यक्रम के लिए दो छात्रों ने रिपोर्टिंग की। छात्रों को दो फरवरी तक रिपोर्टिंग करनी है।
वर्ष 2008 से संचालित हो रहे मेडिकल कॉलेज को गत वर्ष एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) ने आठ विषयों (कम्युनिटी मेडिसिन, पैथोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, नेत्र रोग और एनॉटमी) में तीन वर्षीय एमएस/एमडी पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति दी है। वहीं एनबीई (राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड) ने भी पांच विषयों (बाल रोग, स्त्री रोग, नाक-कान-गला, नेत्र रोग एवं एनेस्थिसिया) में दो वर्षीय पोस्ट एमबीबीएस पीजी डिप्लोमा कोर्स की अनुमति दी है। दोनों पाठ्यक्रमों में सत्र 2021-22 से कक्षाएं शुरू होनी हैं।
सोमवार से संस्थान में राज्य कोटे की सीटों पर प्रवेश शुरू हो गए हैं। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि डिप्लोमा कोर्स में 18 और एमएस/एमडी कोर्स में 24 सीट स्वीकृत हैं। काउंसिलिंग के बाद डिप्लोमा कोर्स में राज्य कोटे की सभी नौ सीट फुल हो गई हैं। उक्त सीटों पर पीएमएचएस (प्रांतीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा) संवर्ग के डॉक्टर प्रवेश ले रहे हैं। वहीं, पांच विषयों में एमएस/एमडी पाठ्यक्रम की छह सीट आवंटित हुई हैं, लेकिन तीन विषयों में आवंटन नहीं हुआ है। पहले दिन दो छात्रों ने प्रवेश के लिए रिपोर्टिंग की। प्रवेश के लिए दो फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित हैं।
पीजी डिप्लोमा में आवंटित सीट
बाल रोग व नेत्र रोग विभाग में 2-2 सीट और एनेस्थिसिया, स्त्री रोग एवं नाक-कान-गला रोग विभाग में 1-1 सीट।
एमएस/एमडी पाठ्यक्रम में आवंटित सीट
नेत्र रोग, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी व फोरेंसिक मेडिसिन में 1-1 और कम्युनिटी मेडिसिन में 2 सीट।