अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं माने जाने पर राजकीय शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। संघ ने सरकार के इस शासनादेश को शिक्षकों के साथ धोखा करार दिया है।
सोमवार को राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ मदन सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत ने कहा है कि अतिथि शिक्षकों के पदों पर तैनाती अस्थायी तौर पर हुई है, लेकिन अब इन पदों को रिक्त नहीं माने जाने से स्थायी शिक्षकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। कहा कि जिन पदों पर यह शिक्षक तैनात है, वहां अब शासन इन पदों को रिक्त नहीं माना है। संघ ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की तैनाती को लेकर कोई विरोध नहीं है, लेकिन अब इन पदों को पदोन्नति, सीधी भर्ती या तबादले से न भरा जाना एलटी और प्रवक्ता संवर्ग के शिक्षकों के साथ मजाक होगा। संघ पदाधिकारियों ने जारी शासनादेश में जल्द संशोधन किए जाने की मांग की है। कहा कि अतिथि शिक्षकों के पदों को पूर्व की भांति ही रिक्त माना जाय। इस अवसर पर संघ के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, संरक्षक मेहरबान सिंह भंडारी, जिला प्रवक्ता मनोज ध्यानी, संग्राम सिंह नेगी, रघुराज सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। संवाद