कोटद्वार। नशामुक्त राज्य की मांग को लेकर धरने पर बैैठे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के समक्ष राज्य सरकार की बीयर नीति की मुखालफत की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नशाखोरी को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों से राज्य में विकास ठप होगा। मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया गया।
गढ़वाल सर्वोदय मंडल ने सरकार की बीयर नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को महात्मा गांधी की शहादत के दिन सर्वोदय मंडल और सर्वसेवा संघ सहित कई अन्य संगठनों के कार्यकर्ता नशा मुक्त प्रदेश बनाने की मांग को लेकर तहसील में धरने पर बैठे। नशे के खिलाफ नारेबाजी कर लोगों को इससे दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। धरना स्थल पर109 वर्षीय गांधीवादी कुंवर सिंह कर्मठ और मान सिंह रावत जैसे बुजुर्गों के मौजूद होने की सूचना पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी उनसे मिलने पहुंचे। वहां बैठी महिलाओं ने सरकार की बीयर नीति के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि इस नीति को वापस लिया जाना चाहिए। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में कोई आश्वासन नहीं दिया।
सर्वोदय नेता मान सिंह रावत ने नशे के खिलाफ अपने स्वरचित गीत सुनाए। बाद में सीएम को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। महिलाओं ने शराब के खिलाफ सबसे ज्यादा नारा बुलंद किया, लेकिन सरकार ने बीयर नीति बना कर महिलाओं की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया । ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक मुश्किल से पहुंचने वाली शराब अब आसानी से पहुंच पाएगी। इससे पहाड़ों का विनाश तय है। धरने पर बैठे लोगों ने आबकारी नीति में बदलाव नहीं करने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर कुंवर सिंह कर्मठ, सर्वोदय सेविका शशिप्रभा रावत और चंद्र प्रकाश नैथानी सहित कई लोग मौजूद रहे।