कोटद्वार। बृहस्पतिवार को चूना महेड़ा गांव में दो युवकों की करंट से मछली मारते वक्त हुई मौत के मामले में राजस्व पुलिस अपने स्टैंड से पलट गई है। एक दिन पहले तक युवकों की मौत का अलग कारण बता रही राजस्व पुलिस ने मान लिया है कि मौत करंट लगने से हुई है। इस आधार पर अवैध शिकार और तथ्यों को छिपाने का अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। राजस्व पुलिस शव को बगैर पोस्टमार्टम किए जलाने पर भी कार्रवाई करेगी।
चूना महेड़ा में बुधवार देर रात को गांव के पांच युवक बिजली लाइन में कटिया डाल कर मछली मार रहे थे। इस बीच करंट लगने से धर्मेंद्र और हाफिज अहमद की मौके पर मौत हो गई थी। पटवारी रमेश रावत ने पहले दोनों की मौत का कारण घर पर बिजली की फिटिंग करते हुए बताया था। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान के महज लिख कर देने पर ही एक शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया, जबकि दूसरे को दफना दिया गया। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई अमल में लाई गई। नायब तहसीलदार सीएस रावत ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 304 अवैध रूप से करंट लगाकर शिकार करना और धारा 201 जुर्म छिपाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही शव को बिना पोस्टमार्टम के जलाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है।