कीर्तिनगर। डागर क्षेत्र के जाखी गांव में पेयजल लाइन तो बनी है, लेकिन इसमें पानी नहीं आता। देखरेख के अभाव में यहां जलापूर्ति कुछ महीनों से नहीं सात सालों से बंद है। ग्रामीण दो किमी दूर से पैदल जाकर पानी ढो रहे हैं। पेयजल लाइन की मरम्मत करने के लिए जाखी क्षेत्र के ग्रामीणों ने अब पेयजल मंत्री से गुहार लगाई है।
डागर क्षेत्र के ग्राम पंचायत जाखी में जल संस्थान ने 1963 में गवाड़ टोला-जाखी पेयजल योजना बनाई थी। इस योजना से जाखी गांव के साथ ही क्षेत्र के दो स्कूलों को भी पेयजल आपूर्ति की जाती रही है। मगर यह योजना देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त पड़ी है जिससे गांव और स्कूल में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। जल निगम और जल संस्थान दोनों ही विभाग पेयजल योजना की मरम्मत के लिए स्टीमेट बनाना तो दूर, एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्राम प्रधान चंदा देवी कहती हैं कि बंद पड़ी योजना पर विभाग को स्वयं ध्यान देना चाहिए था, लेकिन दोनों ही विभाग काम नहीं करना चाहते।
सर्वे के दिए आदेश
- जल संस्थान और जल निगम दोनों ही विभागों को पहले ही योजना के सर्वे के आदेश कर दिए गए हैं। यदि शीघ्र सर्वे कर प्रस्ताव नहीं भेजा गया तो कार्रवाई होगी। - मंत्री प्रसाद नैथानी, पेयजल मंत्री।