कोटद्वार। शहर की इस समय जो स्थिति है उसके चलते यदि कोई हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? लोगों की बाजार में इतनी भीड़ उमड़ रही है कि खिसकना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन के सारे इंतजाम बहुत कम और कमजोर लग रहे हैं। झंडाचौक से लेकर गोखले मार्ग तक, बद्रीनाथ मार्ग, नजीबाबाद रोड सभी इस समय पटाखों और अन्य वस्तुओं की दुकानें सड़क पर पसर गई हैं। गलियों की सड़कों में तो चलना मुश्किल हो रखा है। धनतेरस के चलते बाजार में शाम को जो भीड़ उमड़ी उससे कई गुना अधिक भीड़ दीपावली में होनी है। मगर इसी तरह की व्यवस्था रही, तो आशंकाएं अपनी जगह बनी रहेंगी।
पटाखों से पटा बाजार
-झंडाचौक और उसके चारों ओर पटाखों की दुकानें लगी हुई हैं। झंडाचौक और आस-पास का पूरा क्षेत्र ऐसा लग रहा है कि जैसे बारूद पर खड़ा हो । ऐसे में छोटी घटना बड़ा रूप ले सकती है। कई पटाखा विक्रेताओं के पास अग्निशमन से संबधित कोई सामान जैसे पानी रेत बजरी आदि भी नहीं है। कुछ एक ने चार-पांच लीटर का एक डिब्बा रखा है, जिसका कोई बहुत मतलब नहीं है।
क्या हैं प्रशासन के इंतजाम
-प्रशासन की ओर से झंडाचौक पर अग्निशमन का छोटा वाहन रखा गया है, लेकिन बाजार में पैदल चलना ही मुश्किल है, ऐसे में अग्निशमन वाहन जब तक जगह से खिसकेगा तब तक तो काफी कुछ घट चुका होगा।
सामानों से पटा पड़ा बाजार
दुगड्डा। धनतेरस और दीपावली को लेकर नगर का बाजार सजा हुआ है, लेकिन बाजार की तंग गलियों में वहीं पटाखे और वहीं अन्य सामान बिक रहा है। ऐसे में यदि किसी तरह की कोई दुर्घटना हो जाती है तो उस पर काबू कर पाना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाएगा। यहां से फायर सेंटर सीधे कोटद्वार है। जब तक कोटद्वार से फायर का वाहन यहां पहुंचेगा तब तक सबकुछ नष्ट हो चुका होगा।
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कई स्थानों पर फायर सर्विस की व्यवस्था की गई है। पटाखों की दुकानों पर आग बुझाने की सामग्री की जांच की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है। -अनिल गर्ब्याल, एसडीएम कोटद्वार