श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज में इस वित्तीय वर्ष में कई मदों में बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। वेतन संबंधी बजट में देरी होने से कालेज के दैनिक वेतन भोगियों को गत पांच माह से वेतन नहीं मिल पाया है, जिससे दैनिक वेतनभोगी कर्मियों में नाराजगी है।
राजकीय मेडिकल कालेज के प्रति शासन की उपेक्षा का दंश अब कालेज में तैनात दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को भी झेलना पड़ रहा है। वर्तमान में 110 दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को पांच माह से जबकि 70 से अधिक नियत वेतन भोगियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिल पाया है। जबकि दैनिक कर्मी बेस अस्पताल तथा मेडिकल कालेज का लेखा-जोखा और अन्य रिकार्ड का आवश्यक कार्य देखते हैं। दैनिक वेतन भोगी मुकेश, नीलम, मीनाक्षी सहित कई कर्मियों का कहना है यदि शीघ्र वेतन न मिला, तो अब दैनिक वेतनभोगियों को भी आंदोलन की राह पकड़नी होगी।
- दैनिक वेतनभोगियों को पांच माह से वेतन नहीं मिल पाया है। सचिवालय में हड़ताल के चलते अभी वेतन के लिए बजट अवमुक्त नहीं हो हुआ, लेकिन शीघ्र ही तीन माह का वेतन कर्मियों को दे दिया जाएगा। - डा. वीएल जहागिरदार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज।
- पांच माह तक वेतन न मिलना कर्मियों का शोषण करना है। यदि ऐसा ही हाल रहा, तो अस्पताल के कर्मचारी दैनिक वेतनभोगियों के लिए एकजुट हो जाएंगे। - केएन भट्ट, अध्यक्ष बेस अस्पताल कर्मचारी संगठन।