श्रीनगर। पानी की बर्बादी रोकने और सभी उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध हो सके, इसके लिए जल संस्थान सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट को उपभोक्ताओं के नाम पर रजिस्ट्रर्ड कर रहा है। रजिस्टर्ड उपभोक्ता ही अन्य उपभोक्ताओं से बिल की राशि एकत्रित कर विभाग में जमा करवाएगा। साथ ही विभाग सामान्य कनेक्शनों की भांति पानी का बिल लेगा।
पेयजल योजनाओं में सीमित पानी होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट कनेक्शन लगाए जाते हैं। जिससे आसपास रहने वाले परिवार पानी भरते हैं। इसके एवज में जल संस्थान उपभोक्ताओं से मामूली बिल वसूलता है।
इसमें सबसे ज्यादा शिकायत विभाग को पानी के दुरुपयोग की आती है। सार्वजनिक कनेक्शन होने की वजह से पानी अकसर फालतू गिरता रहता है। क्योंकि उपभोक्ता यह सोचते हैं कि कितना भी पानी गिरा लो, बिल तो सभी को देना है, वो भी मामूली। या फिर कोई दबंग व्यक्ति इसका व्यक्तिगत प्रयोग करने लगता है। जिससे कई बार सभी को पेयजल नहीं मिल पाता है।
इसे देखते हुए जल संस्थान सार्वजनिक कनेक्शन व्यक्तिगत कनेक्शन की तर्ज पर दे रहा है, ताकि उपभोक्ताओं की जवाबदेही तय हो सके।
जल संस्थान के सहायक अभियंता कृष्णकांत ने बताया कि अब सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट विभाग के नाम पर होने के बजाय किसी एक उपभोक्ता के नाम पर होगा। उक्त कनेक्शन का उपभोग जितने उपभोक्ता करते होंगे, वह सब मिलकर बिल की राशि रजिस्टर्ड उपभोक्ता कों देंगे। रजिस्टर्ड उपभोक्ता ही संस्थान में बिल जमा कराएगा। कनेक्शन देने से पूर्व उपभोक्ताओं की सहमति बनाई जा रही है। जब कनेक्शन किसी के नाम पर होगा, तो पानी को फालतू बहने से रोकना आसान हो जाएगा।