श्रीनगर। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित 8.25 किमी लंबी ठंडी सड़क का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। श्रीनगर-पौड़ी मार्ग पर आंचल डेयरी के समीप धोबीघाट से मेडिकल कॉलेज के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग तक प्रस्तावित इस सड़क के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। लोनिवि की ओर से फॉरेस्ट क्लीयरेंस का प्रस्ताव ऑनलाइन भेजा गया है। अब प्री-स्क्रूटनी कमेटी की बैठक में प्रस्ताव की समीक्षा होनी है।
समस्या के समाधान और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के उद्देश्य से स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ठंडी सड़क निर्माण की पहल की थी। सड़क बनने से डांग, डाकबंगला और श्रीकोट गंगानाली एनएच से दूर ऊपरी क्षेत्र के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित सड़क के निर्माण में करीब 836 पेड़ों के कटान होना है। यदि ठंडी सड़क योजना परवान चढ़ती है तो शहर को यातायात के दबाव से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
ईई किशोर कुमार का कहना है कि ठंडी सड़क निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस का प्रस्ताव ऑनलाइन भेजा गया है। प्री-स्क्रूटनी कमेटी की बैठक में प्रस्ताव का अध्ययन और समीक्षा की जाएगी। संवाद