श्रीनगर। गढ़वाल विवि में आंदोलित छात्र अब कुलसचिव के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। आंदोलित छात्रों ने विवि के उपसतर्कता अधिकारी को ज्ञापन सौंप कुलसचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने इन सभी आरोपों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित किए जाने की मांग भी की है।
बुधवार को गढ़वाल विवि के आंदोलित छात्रों ने विवि के उपसर्तकता अधिकारी एचएम आजाद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुलसचिव डा. एके झा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बिड़ला परिसर के छात्रसंघ सचिव रामप्रकाश रैम्स ने कहा कि कुलसचिव डा. एके झा कुलसचिव पद की योग्यताओं के लिए अर्ह नहीं हैं। साथ ही डा. झा ने विवि में कुलसचवि पद ग्रहण करने के अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिससे उनकी नियुक्ति अवैध है। छात्रसंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष अंकित उछोली ने कहा कि कुलसचिव डा. एके झा ने विवि में 29 मई 2015 को कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन वेतन 22 मई 2015 से लिया। कहा कुलसचिव डा. झा को तत्कालीन नियमित कुलपति प्रो. जेएल कौल ने निलंबित किया था और कार्यवाहक कुलपति ने इन्हें बहाल किया है, जो कि सही नहीं है। छात्रों ने इसके अलावा विवि में हुई अन्य अनियमितताओं की शिकायत भी उपसतर्कता अधिकारी एचएम आजाद से की है। छात्रों ने इन सभी बिंदुओं पर जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित किए जाने की मांग भी की है। वहीं उपसतर्कता अधिकारी एचएम आजाद ने कहा कि छात्रों की शिकायत पर संबंधित विभाग से जानकारी जुटाई जाएगी। जानकारी प्राप्त होने के बाद जांच की जाएगी। दूसरी ओर गढ़वाल विवि में पिछले पांच माह से मुख्य सतर्कता अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है।