पौड़ी। गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन ने गढ़वाल कमिश्नर शैलेश बगौली से मिलकर बसों के स्थायी परमिट की मांग की। उन्होंने कहा कि समय पर संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठकें न होने से बसों को स्थायी परमिट नहीं मिल पाए हैं। प्राधिकरण की तीन महीने में होने वाली बैठक दो साल बाद भी नहीं हुई। इससे अस्थायी परमिट पर चल रही बसों के वाहन स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यूनियन के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने कहा कि संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक तय समय पर न होने से वाहनों के परमिट संबंधी कई मामले लंबित हैं। इनका निस्तारण प्राधिकरण की बैठक में होना है। लंबे समय से प्राधिकरण की बैठक न होने से यूनियन से जुड़े वाहन स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। टीजीएमओयू के महाप्रबंधक विजय पाल नेगी व स्टेशन अधीक्षक सुरेश कपटियाल ने कहा कि प्राधिकरण की समय पर बैठक न होने से वाहन स्वामियों को अस्थायी परमिट पर वाहन चलाने पड़ रहे हैं। इसकी फीस 2300 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि स्थायी परमिट की पांच साल की फीस 6200 रुपये है। गढ़वाल कमिश्नर से मिलने वालों में अनिल कुमार, कुंवर सिंह रावत, पीएस गुनसोला, भूपाल सिंह नेगी व प्रदीप सिंह कनवासी आदि शामिल रहे।