पौड़ी। केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना को लेकर चार जनपदों में मात्र पौड़ी ऐसा जिला है, जहां अब तक प्रभावितों को मुआवजा नहीं दिया जा सका है। ऐसे में सवाल यह है कि शुरुआत में ही इस देरी के चलते परियोजना का निर्माण तय समय पर कैसे किया जा सकेगा। यह हाल तब है जबकि प्रदेश सरकार और अब गढ़वाल कमिश्नर शैलेश बगौली ने संबंधित अधिकारियों को प्रतिकर भुगतान में तेजी के निर्देश दिए।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग 126 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण होना है। इसके लिए चमोली, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल के परियोजना से प्रभावित परिवारों की भूमि अधिग्रहित की जानी है। चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिले ने इसमें कुछ तेजी दिखाई है, लेकिन पौड़ी में अब तक प्रतिकर धनराशि का भुगतान नहीं हो पाया है। चमोली में 147.11 करोड़ में से 67.42 करोड़, जनपद टिहरी गढ़वाल में 219.8 करोड़ में से 138.08 करोड़ और जनपद रुद्रप्रयाग में प्रभावित परिवारों को 92.88 करोड़ में से 79.80 का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन पौड़ी जनपद में मामला लटका हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों द्वारा मुआवजे की राशि को लेकर आपत्ति की गई है। इसके चलते मामला उचित कार्रवाई के लिए भूमि अर्जन प्राधिकरण को भेजा गया है।
भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में देरी से परियोजना में देरी हो सकती है। इसमें देरी न हो, इसे देखते हुए रेल विकास निगम की ओर से न्यू ऋषिकेश स्टेशन, चंद्रभागा में ब्रिज, रोड ओवर ब्रिज व अंडर ब्रिज का काम शुरू कर दिया गया है। निगम ने प्रभावितों को मुआवजे की राशि को लेकर सभी जनपदों के जिला प्रशासन को समय रहते इसे उपलब्ध करा दिया था। यदि अब सर्किल रेट बढ़ाने की बात की जा रही है। बेहतर होता कि यह बात अधिसूचना जारी होने से पहले की जाती।-ओम प्रकाश मालगुड़ी, परियोजना प्रबंधक, रेल विकास निगम