पौड़ी। कण्वाश्रम को धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अधिकारियों को क्षेत्र में बिजली, पानी की समस्या का समाधान करने और क्षेत्र में स्वच्छता की व्यवस्था पर खास ध्यान देने को कहा है।
बृहस्पतिवार को यहां संपन्न बैठक में जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि कण्वाश्रम को धार्मिक और स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। क्षेत्र की ऐतिहासिक वस्तुओं को पुनर्जीवित किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में स्थित नदियों और मंदिरों के संरक्षण के साथ ही यात्री शेड, बिजली, पानी आदि मूलभूत जरूरतों पर प्राथमिकता से ध्यान देने के निर्देश दिए। जगदेव तथा करेख क्षेत्र को भी कण्वाश्रम क्षेत्रांतर्गत विकसित किया जाएगा। स्वच्छता कार्यक्रम का जिम्मा स्वजल को दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित कार्ययोजनाओं को भारत सरकार को प्रेषित किया जाना है, लिहाजा किसी भी प्रकार की लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत, स्वजल प्रभारी विजय गैरोला आदि मौजूद थे।