पौड़ी। उत्तराखंड की स्थाई राजधानी गैरसैण की मांग को लेकर आंदोलन करने वालों पर मुकदमे दर्ज होने पर आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार की दमनकारी नीति से आंदोलनकारी डरने वाले नहीं हैं। सरकार जल्द दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है तो जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सोमवार को जिला मुख्यालय पौड़ी में गैरसैण क्रांति मोर्चा की बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर मोर्चा के प्रदेश संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि उत्तराखंड को 18 वर्ष बाद भी स्थाई राजधानी नहीं मिल पाई है। यह प्रदेश की सरकारों के निकम्मेपन का प्रतीक है। जनता गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है, तो प्रदेश सरकार आंदोलनकारियों को मुकदमे दर्ज कर डराने के काम में जुटी है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आंदोलनकारियों को डराने की इस नाकाम कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। आंदोलनकारी जमानत कराने नहीं जाएंगे। चंदोला ने कहा कि जनता की आवाज सरकार को सुनाने के लिए गैरसैण में विधान सभा सत्र के दौरान, इससे पहले भी कई आंदोलन किए गए। सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार ही नहीं है। आंदोलनकारी मनीष सुंदरियाल ने कहा कि हमें प्रदेश की स्थाई राजधानी गैरसैण ही चाहिए। चंदोला ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे जल्द वापस नहीं लिए गए, तो जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर हरीश पंत, संजय बुड़कोटी सहित अनेक आंदोलनकारी मौजूद थे।