श्रीनगर। पंच प्रयागों में स्नान के बाद मां धारीदेवी की डोली सोमवार को अपने मूल स्थान पहुंची, जहां मौजूद मुख्य पुजारी व डोली के साथ पहुंचे उपासकों व श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर हवन किया। डोली यात्रा के आयोजक आचार्य राजेंद्र प्रसाद सुंद्रियाल ने बताया कि मंगलवार को डोली के देहरादून पहुंचने पर भव्य आयोजन किया जाएगा।
हरिद्वार, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग व विष्णु प्रयाग में स्नान के बाद मां धारी देवी की डोली कलियासौड़ स्थित मूल स्थान पहुंची। मंदिर के मुख्य पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पांडे व यहां मौजूद श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों व ढोल दमाऊं से डोली का भव्य स्वागत किया। ईष्ट देव सेवा समिति के संस्थापक आचार्य सुरेंद्र प्रसाद सुंद्रियाल ने बताया कि अपनी हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक व धार्मिक पारंपरा व धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए देहरादून से डोली यात्रा का आयोजन किया गया है। देवडोली यात्रा में आचार्य मधुसूदन जुयाल, राजीव भट्ट, बिपुल बंगवाल, विरेंद्र नेगी, संतोष जोशी, हर्षमोहन जोशी, रमा तोमर आदि शामिल थे।