पौड़ी। मध्य शिक्षा सत्र में जूनियर हाईस्कूल ननकोट को बंद कर इसे जीआईसी उज्याड़ी में मिलाए जाने के आदेश पर भड़के ग्रामीणों ने आंदोलन का एलान किया है। ग्रामीणों ने कहा कि 38 वर्ष पुराने स्कूल को बंद कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
जिलाधिकारी कार्यालय में समस्या लेकर पहुंचे ननकोट के ग्रामीणों ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक तीन किलोमीटर की दूरी वाले एवं दस छात्र संख्या से कम वाले स्कूलों का विलय किया जाना है, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से गलत दूरी दर्शाकर स्कूल को बंद किया जा रहा है। जूनियर हाईस्कूल ननकोट और जीआईसी उज्याड़ी की दूरी तीन किलोमीटर से अधिक है। ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह रावत ने कहा कि जूनियर हाईस्कूल का जूनियर हाईस्कूलों में विलय होना था, लेकिन यहां विभाग की ओर से इंटरमीडिएट कालेज में विलय किया जा रहा है। जिस इंटर कालेज में स्कूल का विलय किया जा रहा है। बंद होने वाले स्कूल और उस स्कूल के बीच में नाला है। इससे इस स्कूल के बच्चे उस स्कूल नहीं जा पाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग ने आदेश निरस्त नहीं किया तो ग्रामीण डीएम कार्यालय में धरने को बाध्य होंगे।
डीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने समस्या को लेकर कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में कलावती, सुमित्रा देवी, सुशीला देवी, अनीता देवी, पिंकी देेवी, सुनील, सुमन सिंह, नरेंद्र सिंह रावत, ऊषा देवी, पूरण सिंह व दिनेश आदि शामिल रहे।
इन स्कूलों का होगा एकीकरण
बीरोखाल ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय स्यूली को जीआईसी स्यूली, पौड़ी के जूनियर हाईस्कूल ननकोट को जीआईसी उज्याडी, इसी ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल सिण्डी को जीआईसी देहलचौरी, कल्जीखाल के जसपुरकोल्डी को उच्च माध्यमिक विद्यालय अगरोड़ा, इसी ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल सिलेथ को उच्च माध्यमिक विद्यालय कडैखाल, जयहरीखाल के बयाली को जीआईसी थल्दा, द्वारीखाल के जूनियर हाईस्कूल नैरुल को जीआईसी कैण्डुल एवं इसी ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल तिमली का जीआईसी देवीखेत में एकीकरण किया जाना है।
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दोनों स्कूलों के बीच की दूरी दो से ढाई किलोमीटर है। शासनादेश है कि दस से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर इनका नजदीक के स्कूल में एकीकरण किया जाए। जिस स्कूल की बात की जा रही है उसमें मात्र पांच से छह बच्चे और तीन शिक्षक हैं।-कुंवर सिंह रावत, डीईओ बेसिक