पौड़ी। विकास खंड बीरोंखाल के ग्राम पंचायत ठंगा में सड़क निर्माण में अनियमितता सामने आई है। पंचायत में ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत सड़क निर्माण के भुगतान, वर्क ऑर्डर को लेकर ग्राम प्रधान व बीडीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। मामले में जिला विकास अधिकारी ने जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
ग्राम पंचायत ठंगा में वर्ष 2015-16 को 35 लाख की लागत से ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत 9.38 मी. सड़क का निर्माण हुआ। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ने सड़क निर्माण के लिए 19 अगस्त 2015 को निविदा आमंत्रित की, लेकिन 20 अगस्त 2015 को निरस्त कर दी। वहीं 21 अगस्त 2015 को ग्राम विकास अधिकारी के नाम से वर्क ऑर्डर जारी कर दिया, लेकिन योजना के वर्क ऑर्डर से पहले ही दो अगस्त 2015 को सड़क निर्माण का पहला भुगतान कर दिया गया। इसके बाद 4, 9, 12, 14, 17, 19 और 22 अगस्त 2015 तक योजना का लगभग पूरा भुगतान (34 लाख 99 हजार 980) रुपये कर दिया गया। सड़क निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान ठंगा ने दूसरे गांव गढ़कोट के सेवानिवृत्त सैनिक, पंचराड़ गांव के प्रधान, कुणजोली के प्रधान व एक ग्रामीण को कुशल श्रमिक दिखाकर भुगतान किया है। ठंगा गांव के दो प्रवासियों को भी कुशल श्रमिक दर्शा कर भुगतान लिया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता श्रद्धानंद बौड़ाई ने बताया कि ठंगा ग्राम पंचायत में ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। इसमें खंड विकास अधिकारी बीरोंखाल व ग्राम प्रधान की कार्यशैली भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण सामग्री ग्राम प्रधान ठंगा को सप्लायर दिखाकर भुगतान की गई, जबकि प्रधान की कहीं दुकान ही नहीं है। सड़क निर्माण के वर्क ऑर्डर कटने से पहले ही लगभग पूरा भुगतान कर लिया गया है। बौड़ाई ने बताया कि मामले की जांच की मांग जिलाधिकारी पौड़ी व जिला विकास अधिकारी से की गई है। जिला विकास अधिकारी पौड़ी वेद प्रकाश ने बताया कि ग्राम पंचायत ठंगा में सड़क निर्माण को लेकर अनियमितता की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि मामले में जिला युवा कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वेद प्रकाश ने बताया कि जांच में अनियमितता सामने आने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।