पौड़ी। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलीयन स्माइल्स अभियान के तहत छात्र-संवाद का आयोजन किया गया। पहाड़ में नारीशक्ति के प्रभाव विषय पर छात्र-छात्राओं ने प्रखरता से विचार रखे। कहा कि पहाड़ की जीवंतता का आधार ही मातृशक्ति है। पहाड़ में घर से लेकर खेत खलिहान, खेल के मैदान, नौकरी हर जगह महिलाएं अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभा रही हैं।
राजमति देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज तिमली में आयोजित छात्र संवाद का शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय मंमगाई ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति की जीवटता ने इसके वजूद को दुनिया में अलग आभा दी है। बाल आयोग के बाल विधान सभा की गृहमंत्री कुमकुम पंत ने कहा कि पहाड़ में मातृशक्ति इसकी जीवंतता का आधार है। युवा पीढ़ी को वीरान होते जा रहे पहाड़ को सजीव बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। बाल विधान सभा की सदस्य सूर्यांशी भट्ट ने कहा कि युवा पहाड़ की मातृशक्ति से प्रेरित है। पहाड़ के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में युवा संकल्प के साथ आगे भी आ रहे हैं। छात्र संसद के सेनापति प्रखर गुसांई ने कहा कि महिलाओं को वर्तमान दौर में अधिकार की नहीं, सम्मान व बराबरी का ओहदा दिए जाने की आवश्यकता है। शिक्षिका आशा रावत व किरन कोटवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी जागरुक है, लेकिन अभी भी सामाजिक तौर पर बदलाव की आवश्यकता है। इस अवसर पर विमल जुयाल, निकलेश कुमार, संजय काला, पंकज कुमार, विपुल चंदोला, मोहन कुमार, पुष्कर गुसांई, अनिरुद्ध, आयुष, दिव्यांशी, चेतना, मनीषा, विदिशा, सुमन आदि मौजूद थे।