पौड़ी। पौड़ी के कफोलस्यूं पट्टी की एक अनाथ बेटी रुचि ने मनरेगा में मजदूरी कर न केवल स्नातक तक की पढ़ाई की बल्कि अपनी शादी के लिए भी पैसे जुटाए। रुचि की आज मंगलवार को शादी होगी।
जनपद पौड़ी के कल्जीखाल ब्लाक की कफोलस्यूं पट्टी में बिष्टबूंगा गांव निवासी स्व. मदन सिंह रावत की पुत्री रुचि के सिर से मात्र तीन साल की उम्र में ही पिता का साया उठ गया। आजीविका का कोई साधन नहीं होने से मां बीना देवी बेटी रुचि व एक दुधमुंहे बच्चे को लेकर मायके नौली गांव आ गई। बीना देवी के माता-पिता भी अकेले ही थे। रुचि ने पढ़ाई में अव्वल आती रही। वर्ष 2012 में मां और नाना ने भी बारी बारी से साथ छोड़ दिया। रुचि ने मां के सपनों को साकार करने के लिए हाईस्कूल के बाद इंटर किया। अब नानी कमला देवी की विधवा पेंशन ही रुचि व भाई के पालन-पोषण का आधार था। रुचि ने दूरस्थ शिक्षा से स्नातक में प्रवेश लिया और खर्च चलाने के लिए गांव में मनरेगा की मजदूरी भी करने लगी। धीरे धीरे मजदूरी से पैसा जोड़कर शादी की तैयारी की। अब स्नातक भी पूरा हो गया और 23 अप्रैल को उसकी शादी क्यार्द गांव में होगी।
नहीं मिली आर्थिक मदद
पौड़ी। नौली गांव की रुचि ने आर्थिक मदद के लिए विधायक पौड़ी के कार्यालय में आवेदन किया लेकिन उसे आर्थिक मदद नहीं मिली। शादी के लिए आर्थिक सहायता को लेकर समाज कल्याण विभाग में गुहार लगाई, लेकिन विभाग ने अनुसूचित जाति व विधवा के बच्चों को ही शादी अनुदान सहयोग दिए जाने की बात कह असमर्थता जता दी।
नौली गांव की रुचि ने मुख्यमंत्री व हंस फाउंडेशन से मदद की अपील की है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल सामने नहीं आई है। रुचि की शादी के लिए नानी की देवरानी के लड़के (मामा) मदद कर रहे हैं।
साथ ही रुचि की शादी के लिए विधायक पौड़ी मुकेश कोली व दिल्ली की सामाजिक संस्था नई सोच नई पहल के सदस्य जगमोहन डांगी ने मदद का भरोसा दिया है।