पौड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर को एक फैसले में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) में परियोजना निदेशक पद पर तैनात बीडीओ को हटाकर उनकी जगह डीआरडीए में परियोजना अर्थशास्त्री व सहायक अभियंताओं को प्रमोशन देने का निर्णय दिया। सरकार को 90 दिन का समय दिया गया था, लेकिन नियत समय पर सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू नहीं कर पाई है। अब इस मामले में डीआरडीए पौड़ी में तैनात परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत व अन्य सरकार के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
अभिकरण की स्थापना सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट-1860 के अधीन केंद्र पोषित योजनाओं के संचालन के लिए की गई। विभाग में कार्मिकों की तैनाती सीधी भर्ती तथा प्रतिनियुक्ति के आधार पर की जाती रही है, लेकिन डीआरडीए में परियोजना निदेशक के पद पर बीडीओ की पदोन्नति की जाती रही है। ऐसे में डीआरडीए में तैनात परियोजना निदेशक व सहायक अभियंता 20-25 साल से बगैर प्रमोशन के कार्य कर रहे हैं। मामले में परियोजना अर्थशास्त्री पौड़ी दीपक रावत व अन्य ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका 2013 में दायर की। याचिका में कहा कि बीडीओ परियोजना निदेशक के पद पर संवर्ग न होने के बाद भी कब्जा किए हुए हैं। उच्च न्यायालय नैनीताल ने याचिका खारिज कर दी। परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत व अन्य ने उच्च न्यायालय की याचिका को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति आदेश कुमार गोयल व उदय उमेश ललित की डबल बैंच ने विशेष पुनर्रीक्षण याचिका की सुनवाई में परियोजना अर्थशास्त्री पौड़ी व अन्य के हक में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि डीआरडीए में बीडीओ के स्थान पर परियोजना अर्थशास्त्री व सहायक अभियंता को प्रमोशन दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर 2017 को अपने फैसले में यह भी कहा कि 90 दिन में राज्य सरकार आदेश का अनुपालन करे। 12 दिसंबर 2017 को अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक आदेश का अनुपालन नहीं किया। इस पर परियोजना अर्थशास्त्री डीआरडीए पौड़ी दीपक रावत अन्य न्यायालय की अवमानना की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत ने कहा कि सरकार के खिलाफ अब वे अवमानना याचिका दायर कर रहे हैं। उत्तराखंड के 13 जिलों में बीडीओ का प्रमोशन पीडी के पदों पर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बीडीओ को अपने मूल संवर्ग में वापस जाना होगा।