साल 2020 के आगमन से पूर्व टिहरी जिले के 28 गांवों को तोहफा मिल गया है। इन गांवों को देवप्रयाग तहसील से पृथक कर कीर्तिनगर तहसील में शामिल कर दिया गया है। शासन ने इस संबंध में 26 दिसंबर को अधिसूचना जारी कर दी है। विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी के अनुसार संबंधित गांवों के लिए उप जिलाधिकारी कार्यालय, तहसील व ब्लॉक मुख्यालय एक ही स्थान पर हो जाएंगे। इससे ग्रामीणों का 20 से 30 किमी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेंगी।
पूर्व में कीर्तिनगर परगने के अंतर्गत एकमात्र देवप्रयाग तहसील थी, जिसके चलते कीर्तिनगर क्षेत्र के लोगों को तहसील के लिए मीलों दूर देवप्रयाग जाना पड़ता था। 14 जून 2016 को शासन ने अधिसूचना जारी करते हुए 16 पटवारी क्षेत्रों के 159 गांवों को देवप्रयाग से पृथक करते हुए कीर्तिनगर तहसील का गठन किया, लेकिन लक्ष्मोली-हिंसरियाखाल और बागवान-जामणीखाल मोटर मार्ग पर स्थित 28 गांवों को देवप्रयाग में ही रखा गया। विधायक कंडारी ने बताया कि गत वर्ष 12 ग्राम पंचायत विकास खंड देवप्रयाग से कीर्तिनगर में शामिल किया गया था। अब तीन पटवारी क्षेत्रों के 28 गांव को तहसील कीर्तिनगर में शामिल कर दिया गया है।
ये गांव हुए कीर्तिनगर में शामिल
बागवान, पाली डंगवालों की, खोला, जाबर, लक्ष्मोली, भंडाली, डांग लग्गा लक्ष्मोली, तल्याकोट, ल्वाली, डडुआ, खोबर, रैथाली, जखेड़ मय उमरी, कोठी गदनी, फलासी व उमरी (हिंसरियाखाल), हड़िम, गवाणा, बरसाली, पाटाखाल, गौली, गुरछोली, बासुली, नौली व चाकासौड़ (पाटाखाल) और च्याली, नैलतोरण व गुजेठा (कुनड़ी)।