श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी कैंपस के निर्माण, पानी के मीटर हटाने, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और अस्पतालों में डॉक्टरों सहित अन्य मांगों के लिए शहरवासी 23 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। वहीं 30 जनवरी को महारैली निकालकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
उक्त निर्णय बृहस्पतिवार को यहां आयोजित प्रगतिशील जनमंच की सभा में लिया गया। इस अवसर पर कहा गया कि एनआईटी के मामले में सरकार फेल रही है। कहा कि यदि एनआईटी का स्थायी परिसर बन जाता, तो यह स्थिति नहीं आती। वक्ताओं ने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद शहर समेत अन्य क्षेत्रों के लोग गंदा पानी पी रहे हैं। पिछले छह सालों से अभी तक पेयजल योजना का निर्माण नहीं हो पाया है। सभा की अध्यक्षता शंकर पटवाल और संचालन अनिल स्वामी ने किया। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी, मदन मोहन नौटियाल, हीरा लाल जैन, जानकी बहुगुणा, सुधाकर भट्ट, चंद्रमोहन बहुगुणा, अंकित उछोली, अतुल सती, गणपति भट्ट व रेखा अग्रवाल आदि मौजूद थे।