पौड़ी। कमेडा गांव के प्रधान से विकास कार्यों में अनियमितताओं पर 22 हजार की वसूली के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा गांव में पेयजल स्रोत के मरम्मतीकरण में भी गड़बड़ सामने आई है। मरम्मत के नाम पर यहां 11 सौ रुपये का दरवाजा लगाकर कार्यों की इतिश्री कर दी गई। जिला पंचायत राज अधिकारी की शुरुआती जांच में ये मामले सामने आए हैं।
ग्राम स्तर पर विकास कार्यों का क्या हश्र है। इसका एक उदाहरण ब्लाक पौड़ी के कमेड़ा गांव में सामने आया है। कमेडा गांव में रास्ता निर्माण, मनरेगा जॉब वर्क समेत अन्य कार्यों में 22 हजार रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान ने मामले की जांच के बाद वसूली आदेश जारी किए हैं। यही नहीं, प्रधान कमेडा ने गांव में पेयजल स्रोत की मरम्मत पर 14 हजार रुपये की धनराशि खर्च दिखाई। स्रोत की मरम्मत पर उन्होंने सीमेंट के छह बैग दर्शाए हैं, जबकि रेत मात्र चार बैग दर्ज किए। कमेडा के पूर्व प्रधान प्रमोद खंडूडी की शिकायत पर डीपीआरओ ने यह कार्रवाई की है। डीपीआरओ ने बताया कि अन्य मामलों की जांच के लिए वह 27 फरवरी को कमेडा गांव पहुंचेंगे।