पौड़ी। ऑटो सेक्टर, टेलीकॉम और हेल्थकेयर सेक्टर में आईओटी का प्रयोग बढ़ा है। इससे हर क्षेत्र में जहां गुणवत्ता आएगी, वही कंपनियां इस तकनीक से अपनी लागत को कम कर सकती हैं। यह बात जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में आयोजित क्लाउड कंप्यूटरिंग कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि एसबीटीयू कानपुर से आए प्रो. नरेंद्र कोहली ने कही।
उन्होंने कहा कि आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) एक ऐसी तकनीक है, जिसका प्रयोग मशीनरी में चिप्स को जोड़े जाने एवं समझाने के लिए किया जाता है। इससे मशीन इंटरनेट को मॉनीटर कर उसे नियंत्रित करती है। भविष्य में इस तकनीक से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रोबोट को-आर्डिनेटर, इंडस्ट्रियल प्रोग्रामर, डेटा साइंटिस्ट, उत्पाद प्रबंधक, को-आर्डिनेटर, नेटवर्क इंजीनियर जैसे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। को-आर्डिनेटर, डा. एसके वर्मा ने कहा कि आईओटी देश के विकास में उपयोगी साबित होगा। यूपीईएस देहरादून के प्रो. डा. अमित अग्रवाल ने कहा कि इससे चीजों का एक दूसरे से समन्वय होगा, जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कार्यशाला में एचओडी सीएसईडी डा. आशीष नेगी, रजिस्ट्रार डा. एचएस भदौरिया, वीएम ठक्कर, असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, रमेश कुमार, भूमिका गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, पपेंद्र कुमार, यतेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।