पौड़ी। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र की तहसील सतपुली व चौबट्टाखाल में एसडीएम की तैनाती न होने से ग्रामीण परेशान हैं। तहसीलों का चार्ज एसडीएम पौड़ी के पास है और ऐसे में ग्रामीण पौड़ी के चक्कर लगाने को विवश हैं।
वर्ष 2006 में ब्लाक पाबौ, एकेश्वर, पोखड़ा की मुख्यालय से दूरी को देखते हुए चौबट्टाखाल व सतपुुली को पृथक तहसील का दर्जा दिया गया। इन दोनों तहसीलों के ग्रामीण क्षेत्रों की पौड़ी से दूूरी 150 से 200 किमी है। पौड़ी पहुंचने में यहां के लोगों को सात से आठ घंटे का समय लगता है। तहसील बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन इन दोनों तहसीलों में एसडीएम ही तैनात नहीं हैं। दोनों तहसीलों का चार्ज पौड़ी के एसडीएम संभाल रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद बडोनी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, आयुक्त गढ़वाल मंडल, डीएम समेत अन्य अफसरों को पत्र सौंपे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला पंचायत सदस्य प्रवेश सुंदरियाल ने भी शासन स्तर पर कोशिशें कीं, लेकिन उनके प्रयास भी धरातल पर नहीं उतर पाए।
कोट
जिले में तहसीलों की संख्या के सापेक्ष एसडीएम नहीं हैं। ऐसे में तहसील चौबट्टाखाल व सतपुली में एसडीएम की तैनाती नहीं हो पा रही है। जिले को यदि एसडीएम मिलते हैं तो प्राथमिकता के आधार पर उनकी नियुक्ति चौबट्टाखाल व सतपुली में की जाएगी।
-सुशील कुमार, डीएम पौड़ी।