श्रीनगर। बिजली की दरों में वृद्धि पर उपभोक्ताओं की राय सुनने के लिए विद्युत नियामक आयोग की जन सुनवाई में मात्र 16 लोग ही पहुंचे। इनमें से भी ज्यादातर बिजली की गड़बड़ी और बिलों की गड़बड़ी की समस्या लेकर पहुंच गए।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागार में बिजली की दरों में वृद्धि के संबंध में सुनवाई होनी थी। इस मौके पर यूपीसीएल, पिटकुल, यूजेवीएनएल और आयोग के अधिकारियों की भारी-भरकम फौज मौजूद थी, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में बहुत कम लोग सुझाव देने पहुुंचे । इस पर आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने भविष्य में पंपलेट और पंचायत प्रतिनिधियों व अन्य माध्यम से व्यापक प्रचार के आदेश दिए।
इस अवसर पर बताया गया कि तीनों निगमों ने टैरिफ में लगभग 23 फीसदी वृद्धि की याचिका आयोग को दी है।
खंडाह निवासी कमल रावत ने शिकायत की कि उनके क्षेत्र में 3-3 दिन तक बिजली गुल रहती है। खंडाह के फीडर को पूर्ववत आंचल डेरी से जोड़ा जाए। मोहन नेगी और महेंद्र पाल रावत ने बताया कि बिल चुकाने के बावजूद उनको हजारों का बिल दिया गया है। सोलर पावर प्लांट स्थापित करने वाले उद्यमियों ने भी सही रीडिंग न लेने की शिकायत की। इसके अलावा दो माह में बिल आने, पावर ट्रिपिंग व कर्मचारियों की कमी की शिकायत भी गई।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने कहा कि पावर ट्रिपिंग की जांच होगी। उन्होंने बताया कि हर सब स्टेशन में इसकी जांच के लिए उपकरण लगे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वप्रथम सोलर पावर प्लांट उद्यमियों का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी है। जिससे कुछ दिक्कतें आ जाती हैं। उन्होंने लगातार विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की जांच के आदेश ईई को दिए।
आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि टेरिफ रेट शॉकिंग नहीं होगा। उन्होंने माना कि ऊर्जा निगम की सेवा में कुछ कमी है। सोलर प्लांट के संबंध में उन्होंने कहा कि यूरेडा व पिटकुल की कमियों से लोग दिक्कत झेल रहे हैं।