पौड़ी। कल्जीखाल ब्लॉक की कफोलस्यूं पट्टी को पौड़ी विकासखंड में शामिल नहीं किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने जिला पंचायतराज दफ्तर का घेराव किया। उन्होंने कल्जीखाल ब्लॉक प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि ब्लॉक प्रशासन ग्रामीणों की पूर्व सहमति के विपरीत कार्य कर रहा है। उन्होंने डीएम से मुलाकात कर पट्टी के 17 ग्राम पंचायतों को पौड़ी ब्लॉक में शामिल करने की मांग उठाई।
लंबे समय से पौड़ी ब्लॉक में शामिल किए जाने की एक सूत्री मांग को लेकर बृहस्पतिवार को कफोलस्यूं पट्टी के 17 ग्राम पंचायतों से करीब 60 से 70 ग्रामीण विकास भवन स्थित जिला पंचायतराज दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने डीपीआरओ जितेंद्र कुमार से करीब आधे घंटे तक मुलाकात कर पट्टी के सभी संबंधित गांवों की भौगोलिक समस्याओं से अवगत कराया।
इसके बाद ग्रामीणाें ने कलक्ट्रेट में डीएम डॉ. आशीष चौहान से मुलाकात कर कल्जीखाल ब्लॉक प्रशासन की कार्यशैली से सवाल खड़े किए। पूर्व प्रमुख जगदीश बिष्ट व सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट ने बताया कि लंबे समय से उन्हें पौड़ी ब्लॉक में शामिल करने की मांग उठाई जा रही है। इसी संबंध में बीते 25 अगस्त से 7 सितंबर तक गांवों में खुली बैठकें हुई। जिसमें पट्टी के 18 ग्राम पंचायतों में से 17 ने पौड़ी में शामिल होने पर सहमति जताई। जबकि केवल गहड़ ग्राम पंचायत ने ही कल्जीखाल में ही रहने की बात कही। सभी 17 ग्राम पंचायतों ने ब्लॉक व डीपीआरओ को इस संबंध में पत्राचार कर अपनी सहमति भी जताई।
उन्होंने जनभावनाओं को देखते हुए कफोलस्यूं पट्टी को पौड़ी में शामिल करने की मांग उठाई। वहीं डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि 23 सितंबर को आपत्तियों पर सुनवाई होगी। इस दौरान ग्रामीणों का पक्ष भी सुना जाएगा। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह, राम सिंह नेगी, उत्तम सिंह, रमेश सिंह, रणवीर सिंह, हरेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अव्वल सिंह और शिवचरण सिंह आदि शामिल रहे।
कफोल्यूं पट्टी के 17 गांव
कोलड़ी, कठूड़, डांग, अगरोड़ा, मरोड़ा, ध्वीली, बिष्ट बूंगा, धारकोट, सिलेथ, नौडियालगांव, चिंडालू, तोली, थापली, पल्ली, नौगांव व अणेथ आदि शामिल हैं। जबकि केवल गहड़ ग्राम पंचायत ही कल्जीखाल में बने रहना चाह रही है।