श्रीनगर। गढ़वाल विवि में नियमों का पालन करने का प्रयास करना एक शिक्षक को महंगा पड़ गया। गढ़वाल विवि के एक शिक्षक ने कुलपति व विभागाध्यक्ष से गैर हाजिर रहने वाले छात्रों की सेशनल परीक्षा लेने से इनकार किया तो विभागाध्यक्ष ने शिक्षक को ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। शिक्षक ने विवि के सभी उच्चाधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से इस संबंध में अवगत कराया था।
इतिहास विभाग के स्नातक स्तर की 6 वें सेमेस्टर की सेशनल परीक्षा 24 अप्रैल को आयोजित होनी थी। उक्त विषय में 90 से अधिक छात्र पंजीकृत थे, लेकिन कक्षा में मात्र 24 छात्र ही उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। जिस पर विषय के शिक्षक ने शेष छात्रों की सेशनल परीक्षा लेने में असमर्थता जता दी। इस संबंध में उक्त शिक्षक ने कुलपति व विभागाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों को भी सूचित किया। उक्त शिक्षक का तर्क था कि जो छात्र कभी कक्षा में आए ही नहीं तथा जिन छात्रों का नाम उनके रजिस्टर में अंकित ही नहीं है, वह उन छात्रों की परीक्षा नहीं ले सकते। विभागाध्यक्ष को शिक्षक का यह निर्णय नागवार गुजरा। विभागाध्यक्ष ने इसे विभाग की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाला निर्णय बताते हुए उक्त शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। वहीं विभागाध्यक्ष प्रो. एसएस नेगी ने इस बात से साफ इंकार किया है। प्रो. नेगी ने कहना है कि विभाग से संबंधित किसी भी बात के लिए नियमानुसार सबसे पहले विभागाध्यक्ष से ही पत्राचार किया जाना चाहिए। उक्त शिक्षक ने सीधे कुलपति से पत्राचार किया था।