पाकिस्तान को शत्रु देश व आतंकवादी देश घोषित करने की मांग सहित पांच प्रस्ताव पारित करने के साथ हरिद्वार में दो दिन से चल रही धर्म संसद संपन्न हो गई।
धर्म संसद में देश के विश्वविद्यालयों में भी धर्म संसद आयोजित कर युवा पीढ़ी को संस्कारित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही इस्लामिक धर्म गुरुओं को कुरान और इस्लामिक इतिहास के संदर्भ में इस्लामिक जिहाद एवं जिहादी आतंकवाद पर खुली बहस का आमंत्रण दिया गया। धर्म ससंद में संस्कृत भाषा को महत्व देने और विदेश में रहने वाले हिंदुओं को संकट के समय विशेष सहायता के लिए अलग मंत्रालय बनाने की भी मांग की गई।
रविवार को हरिपुर कलां स्थित श्रीभूमापीठ पर अंतिम दिन भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज की अध्यक्षता और स्वामी प्रेमानंद सरस्वती के संचालन में संपन्न हुई धर्म संसद में वक्ताओं ने राष्ट्र धर्म और समाज के सामने उपस्थित कई चुनौतियों पर विचार रखे। स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि सीमा पर सैनिकों का लहू बहाया जा रहा है।
सैनिकों की हत्या हो रही है और हम मैत्री का राग अलापते हैं
धर्म संसद
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पाकिस्तान की ओर से हमारे सैनिकों की हत्या की जा रही है और हम मैत्री का राग अलापते जा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान को शत्रु देश और आतंकवादी देश घोषित कर उससे हर तरह का व्यापारिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध समाप्त कर लिया जाए। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अलावा सैनिकों के लिए रक्षा नीति बनाए जाने और शिक्षा को संस्कारपरक बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत बताई गई।
निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति अपने आप में बेजोड़ है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद सरस्वती का मानना था कि राष्ट्रवाद का पाठ युवा पीढ़ी को बचपन से ही पढ़ाए जाने की जरूरत है। स्वामी हरिचेतनानंद ने प्रस्ताव रखा कि भारत की संस्कृति और उसके महत्व को बताने के साथ ही युवाओं को संस्कारों से भी जोड़ा जाना चाहिए।
इसके लिए देश के विश्वविद्यालयों में धर्म संसद का आयोजन किए जाने पर जोर दिया गया। अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता हठयोगी बलराम दास महाराज ने कहा कि प्रत्येक संत अपने आश्रम के वार्षिकोत्सव में कम से कम सौ ऐसे हिंदू जोड़ों को सम्मानित करें, जिनके पांच या पांच से अधिक बच्चे हैं। हिंदू आतंकवाद के नाम पर जेलों में बंद साध्वी प्रज्ञा, स्वामी असीमानंद, दारा, धनंजय देसाई, कमलेश तिवारी आदि को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई के लिए हिंदू रक्षा कोष बनाने पर भी धर्म संसद ने मुहर लगाई।