नैनीताल। पिछले साल तक अप्रैल के पहले हफ्ते में जीबी पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में सुबह से लेकर शाम तक सैलानियों की खासी भीड़ रहती थी। इस बार कोविड कर्फ्यू के चलते चिड़ियाघर वीरान है। ऐसे में यहां रह रहे जानवरों के स्वभाव में बदलाव आया है।
आमतौर पर बाड़ों में बनी गुफाओं में छुपे रहने वाले पशु बाहर आकर चहलकदमी कर रहे हैं। वह लोगों की आवाजाही न होने पर आजादी महसूस कर रहे हैं। वन विभाग ने 18 मार्च चिड़ियाघर सैलानियों के लिए बंद कर दिया था। चिड़ियाघर में इस समय 233 छोटे-बड़े पशु पक्षी हैं। चिड़ियाघर में जब पर्यटक आते थे तो शर्मीले स्वभाव के भालू अधिकतर अपने बाड़ों में बनी गुफाओं में रहना पसंद करते थे लेकिन जब से लोगों की आवाजाही थमी है वे खुलकर बाड़ों में घूम रहे हैं। बाड़ों में बनाए गए पॉड में नहाने का लुत्फ उठा रहे हैं। इसके साथ ही रॉयल बंगाल टाइगर भी अपने बाड़ों में राजा की तरह घूम रहे हैं। फीजेंट पक्षी भी बेखौफ इधर-उधर घूम रहे हैं।
जू क्षेत्राधिकारी अजय रावत का कहना है कि जानवरों के स्वभाव में थोड़ा परिवर्तन आया है। जानवर अधिकतर लोगों की आवाजाही पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अब वे अपनी गुफाओं से बाहर आकर ज्यादा देर तक चहलकदमी कर रहे हैं। वे बिना डर के घूम रहे हैं और तनाव रहित नजर आ रहे हैं।