सेना में जाने की तैयारी कर रहा 19 वर्षीय बीबीए का छात्र भूपेंद्र सिंह बुधवार सुबह दौड़ते समय अचानक बेहोश होकर गिर गया। साथ में दौड़ का अभ्यास कर रहा साथी उसे राहगीरों की मदद से बीडी पांडे अस्पताल ले गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक ने आशंका जताई कि छात्र की मौत हार्टअटैक से हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
तल्लीताल क्षेत्र के नैना रेंज जू रोड निवासी नंदन सिंह देवली नैनीताल प्राणी उद्यान में तैनात हैं। उनका बेटा भूपेंद्र सिंह हल्द्वानी के पाल कॉलेज में बीवीए का छात्र था। उसकी एक छोटी बहन है। वह सेना में भर्ती के लिए रोज सुबह दौड़ का अभ्यास करता था।
बुधवार सुबह भूपेंद्र सुबह घर से अपने दोस्त विवेक के साथ भवाली रोड पर दौड़ने गया था। इसी दौरान वह बेहोश होकर गिर गया। साथी विवेक ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन उसके शरीर में हरकत नहीं हुई। इसके बाद उसने भवाली से आ रही बस को रोका और राहगीरों की मदद से रोडवेज पहुंचा। यहां से दूसरे वाहन से भूपेंद्र को बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. आरुषि गुप्ता ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक के अनुसार मौत का कारण हार्टअटैक लग रहा है।
इधर, छात्र की मौत के बाद तल्लीताल थाने के एसआई सतीश उपाध्याय मोके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
बदलती जीवन शैली बिगाड़ रही दिल की तबीयत
बदलती जीवन शैली व अत्यधिक तनाव के चलते लोग दिल के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। नगर में भी हृदय रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोजाना 40 से 50 मरीज दिल की समस्याओं को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बीडी पांडे अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि समय के साथ सभी लोगों की आदतें, रहन-सहन व खानपान बदल रहा है। वहीं आज के दौर में हर कोई तनाव में है। यहां तक कि छोटे-छोटे बच्चे भी पढ़ाई के भार से तनाव में हैं। बच्चे घर के बाहर खेलने कम जाते हैं। उनका शारीरिक क्रियाकलाप न के बराबर है। छोटी उम्र में ही उनको शुगर, बीपी व अन्य समस्याएं हो रही हैं, जो बाद में दिल की बीमारी का कारण बन सकती हैं। नशा व धूम्रपान भी हृदय रोग के लिए बड़ा कारण है। हृदयघात में 17 प्रतिशत लोग नशा करने वाले होते हैं।
ऐसे रखें खुन को स्वस्थ
डॉ. सुधांशु ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि बच्चों को घर के बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें। साथ ही तनाव को भूलकर खुद खुश रहने की कोशिश करें। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार लें और धूम्रपान व शराब से दूर रहें। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सचेत रहें। चलने में सांस फूल रही हो या सीने में दर्द या फिर जकड़न हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।