भीमताल/धानाचूली (नैनीताल)। ओखलकांडा ब्लॉक में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते कुकना गांव के युवक ने दम तोड़ दिया। पहले उल्टी दस्त फिर पेट में तेज दर्द होने के बाद घर पर ही युवक की मौत हो गई। कुकना गांव के पूर्व प्रधान मदन नौलिया ने बताया कि रविवार शाम शेखर चंद्र (35) की तबीयत खराब हो गई। गांव में अस्पताल नहीं होने से उसे प्राथमिक इलाज नहीं मिल सका। हालत बिगड़ने पर एक ग्रामीण को गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर ढोलीगांव भेजा गया। पर इसमें समय लगने पर युवक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में मातम है। युवक खेतीबाड़ी और मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक अपने पीछे तीन बच्चों और पत्नी को छोड़ गया। नौलिया ने शासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
जमीन दान देने के बाद भी नहीं खुला स्वास्थ्य केंद्र
पूर्व प्रधान नौलिया ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणाओं में गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलना शामिल था। ग्राम पंचायत की ओर से स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि भी विभाग को दान दी गई, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। प्राथमिक इलाज के लिए ग्रामीणों को पैदल 19 किलोमीटर दूर ढोलीगांव और 17 किलोमीटर दूर जोसोड़ा स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। उन्होंने सरकार से क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की है। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि अगर कुकना में स्वास्थ्य केंद्र खोलने को लेकर प्रस्ताव आया होगा तो विभाग की ओर से उचित कार्रवाई की जाएगी।