अगर सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करना चाहते हैं या फिर केबिल आपरेटर से खरीदने की भी इच्छा नहीं है तो तीसरा विकल्प किराये पर लेने का भी है। बस इस संबंध में आपरेटर से बात करनी होगी। हल्द्वानी डिजिटल सर्विसेज (एचडीएस) ने जो फार्म तैयार किया है, उसमें यह विकल्प मौजूद है।
एचडीएस नैनीताल, रामनगर, रानीखेत, हल्द्वानी के एक बड़े हिस्से आदि में केबिल सेवा लोकल केबिल आपरेटर के माध्यम से देती है। एचडीएस के अनुसार केबिल उपभोक्ता के हितों की चिंता है, इसी के हिसाब से तैयारी की गई है। निदेशक हेमंत जोशी कहते हैं कि अगर एक कनेक्शन पर तीन फार्म भरने होंगे।
इसमें एक फार्म उपभोक्ता के पास, एक लोकल केबिल आपरेटर और एचडीएस में जमा होगा। इस फार्म में सभी सूचना, शर्त आदि उल्लिखित हैं। इसमें सेट टॉप बाक्स खरीद रहे हैं, सिक्योरिटी मनी जमा कर रहे हैं या फिर किराये पर ले रहे हैं। सब बातें इसमें लिखी हैं।
फार्म उपभोक्ता के पास होने पर किसी तरह के संशय की स्थिति नहीं रह जाएगी। सेट टॉप बाक्स की सिक्योरिटी मनी अगर कोई वापिस चाहता है, तो उसको बाक्स की स्थिति देखते हुए निश्चित राशि काटकर वापिस की जाएगी। फार्म के साथ उपभोक्ता को पूरी सूचना, पहचान पत्र आदि भरने के साथ देनी होगी। उपभोक्ता के हित पहले हैं।
अगर मनोरंजन विभाग के ही आंकड़ों की माने जो कि केबिल कनेक्शन 16,500 बताती है, उसके हिसाब से करोड़ों रुपये के सेट टॉप बाक्स लगेंगे। एसडी और एचडी बाक्स जिनकी कीमत 1500 से 2200 तक है। ऐसे में अगर एक सेट टॉप बाक्स का औसत 1600 ही मान लिया जाए, तो दो करोड़ चौसठ लाख से ज्यादा के सेट टॉप बाक्स लगेंगे। हालांकि जो कनेक्शन बताये जा रहे हैं, उनकी संख्या कई गुना और ज्यादा हो सकती है।
सेट टॉप बाक्स को लेकर मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए हैं। सभी पहलुओं, बिंदुओं को परखा जा रहा है। मनोरंजन कर विभाग के अफसरों ने केबिल संचालकों से बात कर स्थिति की जानकारी मांगी है। वहीं, कुछ लोगों की शिकायत है कि सेट टॉप बाक्स लगाने की बात जब सामने आयी है, उसके बाद से कथित तौर पर कुछ चैनल बंद कर दिये जा रहे हैं या फिर उसकी गुणवत्ता खराब की जा रही है।