दिवाली लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
- कार्तिक अमावस्या तिथि आरंभ- 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से
- कार्तिक अमावस्या तिथि समाप्त- 13 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक
प्रदोष काल का मुहूर्त
- 12 नवंबर 2023 को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 29 मिनट से रात 08 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस दौरान वृषभ काल यानी स्थिर लग्न शाम 05 बजकर 40 मिनट से 07 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।
- लक्ष्मी पूजा के प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 40 मिनट से शाम 07 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इस तरह से दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए लगभग 01 घंटा 55 मिनट का समय मिलेगा।
इन बातों का रखें खास ख्याल
- दिवाली पर हमेशा ही प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा करनी चाहिए। प्रदोष काल वह समय होता है जब सूर्यास्त होता है, इसके बाद का मुहूर्त का प्रदोष काल का मुहूर्त कहलाता है।
- दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा अकेले नहीं करनी चाहिए बल्कि भगवान गणेश के साथ करना चाहिए। मां लक्ष्मी की अकेले पूजा करने पर पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश जी माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र हैं। मां लक्ष्मी से भगवान गणेश की एक वरदान प्राप्त है कि जहां पर गणेश जी पूजा होगी है वहां पर मां लक्ष्मी स्थाई रूप से विराजमान होंगी।
- दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ धन के देवता कुबेर की पूजा अवश्य करें। भगवान कुबेर को धन के भंडार यानी कोषाध्यक्ष होते हैं।
- हर साल दीवाली पूजन में इस्तेमाल की जाने वाली लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां नई होनी चाहिए।
- पूजा घर और मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ रोली से स्वास्तिक का निर्माण करना भी शुभ माना जाता है।