साइबर हमले के चौथे दिन भी राज्य के डाटा सेंटर का सर्वर दुरुस्त नहीं हो पाया है। इस कारण अपणि सरकार वेबसाइट शुरू नहीं हो पाई। रविवार को भी कॉमन सर्विस सेंटर में प्रमाणपत्र नहीं बन सके। उधर पुलिस का सीसीटीएनएस कार्य नहीं करने से मुकदमे भी ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय ने जरूर राहत दी है। इस कारण स्टोन क्रशर से रेता-बजरी की बिक्री शुरू हो गई है।
साइबर हमला का प्रभाव इसी से समझा सकता है कि राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर भी अब तक डाटा सेंटर रिकवर नहीं कर पाई हैं। रविवार को भी जाति, स्थायी, रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन, आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोग सीएससी सेंटर पहुंचे थे। पर सर्वर के कार्य नहीं होने करने के कारण चौथे दिन भी लोगों को निराश लौटना पड़ा। सीएससी सेंटर में बिजली और पानी के बिल भी जमा नहीं हो सके। अपणि सरकार वेबसाइट न चलने से यूजर को कोई सुविधा नहीं मिल पाई। सीएम हेल्पलाइन बंद होने से शिकायतें भी दर्ज नहीं हो पा रही हैं। राज्य लोक सेवा आयोग की वेबसाइट बंद होने से छात्रों को जरूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। पैनकार्ड बनाने वाली यूटीआई वेबसाइट भी बंद चल रही है।
मैनुअल रवन्ना प्रपत्र जारी
रविवार को भूतत्व खनिकर्म निदेशालय ने मैनुअल रवन्ना प्रपत्र जारी कर दिए हैं। इससे स्टोन क्रशरों ने उपखनिज की बिक्री शुरू कर दी है। रेता-बजरी की बिक्री शुरू होने से मकान बना रहे लोगों ने राहत की सांस ली। उधर, हॉटमिक्स प्लांट के ठेकेदारों को भी स्टोन क्रशर से बजरी मिलनी शुरू हो गई है। इससे रविवार को हॉटमिक्स का कार्य शुरू हो गया।