कालाढूंगी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कालाढूंगी के पूर्व प्रधानाचार्य की यहां फिर तैनाती के विरोध में संस्थान के कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य लंबे समय से महिला कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर उत्पीड़न कर रहे हैं।
पूर्व में इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद जांच समिति गठित की गई थी। कर्मचारियों का दावा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रधानाचार्य का स्थानांतरण अन्यत्र कर दिया था। कहा कि कुछ समय से उक्त प्रधानाचार्य दोबारा कालाढूंगी में तैनाती के प्रयास में लगे हैं। चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर से प्रधानाचार्य की दोबारा कालाढूंगी में तैनाती की जाती है तो कर्मचारी इसका विरोध करेंगे। प्रदर्शनकारियों में शुभम कुमार, अजय कुमार आर्य, जितेंद्र पाल, कुसुम शाह, गीता गोस्वामी, आनंद कुमार, ललिता प्रसाद भट्ट, नितिन कुमार, ललित मोहन वर्मा, विनोद शर्मा, दीपक चंद्र आदि शामिल रहे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाचार्य को हटाकर हल्द्वानी कार्यालय से संबद्ध किया गया था परंतु प्रधानाचार्य की ओर से हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लेने के बाद उनके यहां पुन: बहाली के आदेश मिले हैं। - मयंक अग्रवाल, संयुक्त निदेशक, आईटीआई कुमाऊं मंडल