नैनीताल। मंगोली व बजून क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांचवें दिन भी महिलाओं और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। बजून में अधौड़ा की ग्राम प्रधान प्रेमा मेहरा व मंगोली में खमारी की महिला हेमलता ध्यानी अनशन में बैठ गई हैं।
नैनीताल के समीपवर्ती क्षेत्र मंगोली व बजून में शराब की दुकानों का विरोध जारी है। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने पोस्टरों पर स्लोगन लिख शारब की प्रस्तावित दुकानों के बाहर चिपकाए हैं। उनका कहना है कि आबादी के बीच शराब की दुकान खुलने से माहौल खराब होगा और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक क्षेत्र से दुकानों को हटाने का आदेश नहीं आएगा तब तक अनशन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, ग्राम प्रधान प्रेमा मेहरा, हंसी नेगी, खुशाल बिष्ट, गोविंद सिंह, सूरज अधिकारी, जीवन सिंह नेगी, दर्शन कनवाल, बबलू राठौर, गिरीश जोशी, मनोज पंत, मंजू बिष्टानिया, हंसी नेगी, हेम बहुखंडी, भास्कर बहुखंडी, दीवान मेहरा आदि रहे। संवाद
मुख्यमंत्री से दुकानों की स्वीकृति रद्द करने की मांग
कालाढूंगी। मंगोली और बजून में शराब की दुकानें खोलने के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने दायित्वधारी शांति मेहरा के नेतृत्व में रामनगर में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानें खुलने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन दुकानों की स्वीकृति रद्द करने की मांग की।