ज्योली गांव में बुधवार की घटना ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। 50 वर्षीय हेमा पांडे रोज की तरह जंगल गई थीं लेकिन इस बार वह लौटकर नहीं आईं। परिजनों के मुताबिक, उनकी मां जंगल से लौटने से बेटी को फोन जरूर करती थी। इस बार फोन नहीं आया बल्कि मौत की खबर पहुंची। सबसे बड़ा सदमा बेटी को लगा जिसकी शादी तय हो चुकी थी। घर में शादियों की तैयारी चल रही थी लेकिन तारीख तय होने से पहले ही सब कुछ खत्म हो गया। बेटी की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। बेटे को भी पहले मां के घायल होने की सूचना देकर बुलाया गया था लेकिन जब वह पहुंचा तो सच्चाई ने उसे तोड़कर रख दिया। पति दयाकिशन इस घटना के बाद गुमसुम बैठे हैं। उनकी आंखों में टूटते परिवार और बिखरते सपनों का दर्द साफ है। महिला की मौत ने घर का आंगन सूना कर बेटी का सहारा छीन लिया है।