हल्द्वानी। सामाजिक कार्यकर्ता बबली वर्मा ने काठगोदाम थाने की महिला दरोगा पर घर में आकर निराश्रित बच्चों को हड़काने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस की डर से आठवीं की छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। इसकी शिकायत एसपी सिटी से की गई है।
सामाजिक संस्था से जुड़ी काठगोदाम नईबस्ती निवासी बबली वर्मा ने एसपी सिटी को बताया कि वह 2008 से तीन असहाय बच्चों का लालन पालन कर रही हैं। बड़ी बच्ची नगर पालिका स्कूल में आठवीं की छात्रा है। भाई और छोटी बहन रेलवे के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं। बबली का आरोप है कि एक व्यक्ति की शिकायत पर 17 दिसंबर की रात आठ बजे काठगोदाम थाने की महिला दरोगा सिपाही के साथ उनके घर आईं और तीन बच्चों और एक गाय को पालने पर सवाल खड़े किए।
आरोप लगाया कि वह नाबालिग बच्चों से काम कराती हैं। बबली के अनुसार उन्होंने तीनों बच्चों को पुलिस के सामने खड़ा कर दिया। बड़ी बच्ची ने कहा कि जब वह रानीबाग में भीख मांग रही थी, उस समय कोई पूछने नहीं आया था। अब वह यहां अपने भाई बहन के साथ आराम से रह रही है।
खनन कारोबारी और सट्टेबाजों की डीएम से की थी शिकायत
बबली के अनुसार चार दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। पुलिस यदि स्कूल में पूछताछ करने जाएगी तो बच्चे परेशान होंगे। बड़ी बच्ची का मासिक टेस्ट भी छूट गया है। बबली वर्मा ने कहा कि उन्होंने खनन कारोबारियों और सट्टेबाजों के खिलाफ डीएम से शिकायत की थी। आशंका है कि उन्होंने ही अज्ञात नाम से फर्जी शिकायत भेजी है। यह भी आरोप लगाया कि काठगोदाम थानाध्यक्ष उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
महिला दरोगा शिकायती प्रार्थनापत्र के आधार पर वहां गई होंगी। विवाद किन कारणों के चलते हुआ है, यह संबंधित पुलिस कर्मियों से पूछताछ करने के बाद ही पता चल सकेगा। घायल होने के कारण थानाध्यक्ष एक सप्ताह के अवकाश पर हैं। उनकी इस मामले कोई भूमिका नहीं हो सकती है।
अमित श्रीवास्तव, एसपी सिटी