हल्द्वानी। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के साथ जवाबदेही और अनुशासन जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि अगला दशक उत्तराखंड का होगा। विद्यार्थियों के सहयोग से ही यह लक्ष्य पूरा होगा। ये बात राज्यपाल और कुलाधिपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विवि में किसी बेटी ने तीन-तीन तो किसी ने दो-दो पदक हासिल किए हैं। ऐसा उत्तराखंड की मातृ शक्ति ही कर सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में नई खेल नीति तैयार कर ली गई है। अब योग्य और मेधावी विद्यार्थियों के आगे संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों की पूरी व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी। उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 2.75 लाख विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने टेबलेट देने की घोषणा की है। एक जनवरी से टेबलेट योजना शुरू होने जा रही है। विद्यार्थी कौन सा टेबलेट खरीदें, यह उन्हीं की इच्छा पर छोड़ा गया है।
समारोह में 36 स्नातकों और परास्नातकों को स्वर्ण पदक, तीन को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, तीन को प्रायोजित स्वर्ण पदक के साथ ही 28432 को उपाधियां वितरित की गईं। एक शोधार्थी को पीएचडी दी गई। प्रसिद्ध फोटोग्राफर पद्मश्री अनूप साह और पर्यावरणविद् सच्चिदानंद भारती को डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने 42 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए। मुक्त विवि की ओर से क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रश्मि पंत और डॉ. संदीप नेगी को भी सम्मानित किया गया। इससे पूर्व कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन रजिस्ट्रार डॉ. एचएस नयाल ने किया।
ये रहे मौजूद
जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला, विधायक नवीन दुम्का, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह दरम्वाल, जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रकाश रावत, प्रकाश हर्बोला, शंकर कोरोंगा, अनिल कपूर डब्बू, डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी आदि।
वर्ष 2019-20 के इतने अभ्यर्थियों को दी गई उपाधि
हल्द्वानी। कुल 13381 लोगों को उपाधि दी गई। इसमें यूजी के 5139, पीजी के 7093, पीजी डिप्लोमा के 101 और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा के 1048 लोगों को उपाधि दी गई। इनमें 15 को स्वर्ण, एक को चांसलर और तीन को स्पांसर उपाधि दी गई। (माई सिटी रिपोर्टर)
वर्ष 2020-21 के इतने अभ्यर्थियों को दी गई उपाधि
हल्द्वानी। कुल 15955 डिग्री धारकों को उपाधि दी गई। यूजी के 5945, पीजी के 8947, पीजी डिप्लोमा के 11, स र्टिफिकेट, डिप्लोमा के 1052 लोगों को उपाधि दी गई। इनमें 21 को स्वर्ण पदक, दो को चांसलर और तीन को स्पांसर (प्रायोजित) पदक दिए गए। (माई सिटी रिपोर्टर)
गोल्डी की ओर से भी दिए गए पदक
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कई विद्यार्थियों को एक साथ तीन-तीन, दो-दो पदक दिए गए। इनमें कुछ पदक व्यापारी नेता प्रमोद अग्रवाल गोल्डी की ओर से अपने माता-पिता और दादा की ओर से प्रतिभाशाली छात्रों को दिए गए। (माई सिटी रिपोर्टर)
अल्मोड़ा की किरन को मिले तीन गोल्ड
हल्द्वानी। अल्मोड़ा जिले के कफड़ा की रहने वाली किरन तिवारी को तीन गोल्ड मेडल मिले। उन्हें सत्र 2020-21 मानविकी विद्याशाखा के लिए कुलाधिपति स्वर्ण, परास्नातक में विवि स्वर्ण और हिंदी में सर्वश्रेष्ठ 78.22 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर शीला देवी स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। पेश से शिक्षिका और पीएचडी की तैयारी कर रही किरन ने इसका श्रेय पिता गिरीश चंद्र तिवारी, माता मीरा तिवारी और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि लोग बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दें। (संवाद)
गोल्ड मेडल विजेताओं ने खुशी का इजहार किया
मुझे सत्र 2019-20 के लिए अंग्रेजी में सर्वाधिक 72.8 प्रतिशत अंक हासिल करने पर स्वर्ण पदक मिला है। राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक मिलने से खुश हूं। माता-पिता बेटियों को किसी चीज में कम न समझें। उन्हें पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर दें।
-इरा सेन, काठगोदाम, हल्द्वानी
मुझे सत्र 2020-20 में अंग्रेजी में सर्वाधिक 75.67 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर स्वर्ण से सम्मानित किया गया है। बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र में ख्याति हासिल करने की चाह थी। राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल मिलने पर खुश हूं।
-रामपाल, हरियाणा
मुझे सत्र 2020-21 के लिए एमकॉम में 72.50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर गोल्ड मेडल दिया गया है। राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल पाकर बहुत खुश हूं। शिक्षा जीवन का मुख्य स्तंभ है। अभिभावक अपनी बेटियों को शिक्षा से वंचित न रखें। बेटियां, बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है।
-वर्तिका शर्मा, हरिद्वार
मैं सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर हूं। मुझे पीएचडी के लिए गोल्ड मेडल दिया गया है। अध्ययन ही ऐसा जारिया है, जिसके साथ रहकर मनुष्य जीवन में आगे बढ़ता है। युवा शिक्षा को मूल आधार बनाएं। शिक्षा से ही जीवन स्तर सुधरता है।
नरेंद्र शर्मा, पंजाब
राज्यपाल के हाथों डिग्री न मिलने पर नाराजगी
हल्द्वानी। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के हाथों डिग्री ने मिलने पर विद्यार्थियों ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया था कि राज्यपाल के माध्यम से उन्हें डिग्री भेंट की जाएगी, लेकिन समारोह के बीच ऐसा कुछ नहीं हुआ। कमल त्यागी, रजनी रावत आदि ने विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इधर यूओयू के डॉ. दिनेश कुमार चौधरी ने बताया कि पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि मंच पर सिर्फ स्वर्ण पदक ही वितरित किए जाएंगे। डिग्री के लिए विवि में अलग से काउंटर बनाए गए हैं। (संवाद)