ज्योलीकोट (नैनीताल)। कुमाऊं की लाइफ लाइन ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित वीरभट्टी में 4.62 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन टू लेन स्टील गार्डर पुल पर यातायात सुचारु होने में अभी दो से तीन माह का समय लग सकता है। तब तक यातायात अस्थायी वेली ब्रिज पर ही दौड़ता रहेगा।
सितंबर 2017 में गैस वाहन दुर्घटना में ब्रिटिश कालीन 103 वर्ष पुराना ऐतिहासिक पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटनाओं की आशंका के चलते इस पुल को यातायात के लिए स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया, और वैकल्पिक यातायात के लिए वेली ब्रिज का निर्माण किया गया हालांकि वेली ब्रिज बनते बनते तकनीकी कमियों के चलते तिरछा हो गया था, जिसमें विभाग की किरकिरी भी हुई थी। बाद में बमुश्किल इसे यातायात लायक बनाया गया।
इसी क्रम में एनएच की ओर से यहां डबल लेन स्टील गार्डर पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। 2019 में स्वीकृति मिलने के बाद वर्ष 2019-2020 में निविदा के बाद पुल निर्माण शुरू किया गया। बीते और इस वर्ष कोविड काल की वजह से पुल निर्माण में तेजी नहीं आ पाई। हालांकि पुल को जुलाई 2021 में बन जाना था। वर्तमान में पुल के ढांचे को लगभग खड़ा कर लिया गया है। लेकिन सामान्य परिस्थितियों में पुल को पूरी तरह से अवशेष कार्य पूरा करने और यातायात के लिए खोलने में करीब दो से तीन माह का समय और लगने की संभावना है। पुल के बनने से उक्त स्थल में बार बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और आवागमन आसान होगा।
- वीरभट्टी में निर्माणाधीन पुल को जुलाई 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन बीते वर्ष और इस वर्ष कोविड काल में मजदूरों की कमी और अन्य कारणों से कार्य की गति धीमी रही। काम पूरा होने पर अभी दो से तीन माह का समय लग सकता है। - एमसी जोशी, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग