सड़कें बनने और छोटे वाहनों की व्यवस्था होने से कैलास मानसरोवर यात्रियों को इस बार 101 किमी नहीं, बल्कि 83 किमी ही पैदल चलना होगा। मौजूदा यात्रा रूट में यात्रियों को किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए दो वैकल्पिक पड़ाव भी बनाए गए हैं, जबकि एक नया पड़ाव बनाया गया है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने जून में शुरू होने वाली कैलास यात्रा को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त पड़ावों के साथ ही पैदल मार्ग के बीच-बीच में जहां सड़क बन गई है, वहां छोटे वाहनों से यात्रियों को ले जाने का प्रबंध किया है। केएमवीएन के अधिकारियों के मुताबिक गाला और सिर्खा में दो-दो छोटे वाहन जीप या टैक्सी भेजे जाएंगे।
यहां से जितना संभव होगा यात्रियों को वाहनों से ले जाया जाएगा। इसके अलावा पांगू और पांगला में दो वैकल्पिक पड़ाव बनाए गए हैं। परंपरागत मार्ग पर किसी तरह का व्यवधान आने पर इन पड़ावों से यात्रा कराई जाएगी। इसके अलावा बूंदी और गुंजी के बीच स्थित नज्यं में नया पड़ाव बनाया गया है।
केएमवीएन के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने बताया कि वर्तमान में अल्मोड़ा, धारचूला, सिर्खा, गाला, बूंदी, गुंजी, नाभिढांग, तकलाकोट और तिब्बत में दारचिन, डेरापुक, जुंगझुई पू, क्यूगू पड़ाव हैं। नज्यं यात्रियों के विश्राम के लिए नया पड़ाव होगा। चोकर से चार छोटे वाहन भेजे जाएंगे। इनमें से दो गाला और दो सिर्खा में रहेंगे। छोटी गाड़ियों की व्यवस्था होने से यात्रा मार्ग की पैदल दूरी मात्र 83 किमी रह जाएगी।