नगर निगम में पालीथिन घोटाले से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम से बाजार से अब तक करीब तीन क्विंटल पालीथिन बरामद की है। एक क्विंटल 40 किलो पालीथिन का फाइलों में रिकार्ड तो है, लेकिन पालीथिन कहां हैं किसी को जानकारी नहीं है।
60 किलो पालीथिन चोरी प्रकरण के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची है। गायब पालीथिन का फर्जी रिसीविंग बिल बनवाने के लिए कर्मचारियों को रिसाइकिलिंग प्लांट तक दौड़ लगानी पड़ी है। हाईकोर्ट ने 14 जुलाई 2014 से नैनीताल जिले में पालीथिन प्रतिबंधित की है। प्रति पालीथिन पर पांच सौ रुपये जुर्माना लगाने के आदेश हैं। कोर्ट के आदेश पर हल्द्वानी में भी प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त चेकिंग टीम बनी है।
टीम बाजारों में चेकिंग कर पालीथिन जब्त कर जुर्माना करती है। टीम ने अब तक करीब तीन क्विंटल पालीथिन बरामद की है, इसमें एक क्विंटल पालीथिन गौलापार बाईपास रिसाइकिलिंग प्लांट भेजी गई है, जबकि 60 किलो पिछले दिनों निगम दफ्तर से चोरी हो गई है। बाकी एक क्विंटल 40 किलो पालीथिन कहां है, किसी को पता नहीं है।
निगम के जानकार सूत्रों का कहना है कि एक क्विंटल 40 किलो पालीथिन के फर्जी रिसीविंग बिल बनवाने के लिए निगम कर्मचारी रिसाइकिलिंग प्लांट पहुंचे। प्लांट संचालक ने फर्जी बिल देने से इनकार कर दिया। निगम दफ्तर में कर्मचारियों में इसकी जबर्दस्त चर्चा है।