शहर में मलेरिया और दिमागी बुखार फैलने के बाद नगर निगम प्रशासन की नींद टूटी है। निगम के स्वास्थ्य विभाग की सफाई व्यवस्था देखने खुद नगर आयुक्त को सड़क पर उतरना पड़ा।
नगर आयुक्त ने वार्डों की नालियां और सड़कों में गंदगी देख सफाई नायकों की फटकार लगाई। उन्होंने बंद नालियां खुलवाकर सड़कों पर फैला कूड़ा उठवाकर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया।
शहर में मलेरिया, डेंगू और दिमागी बुखार फैला है। सरकारी और निजी अस्पताल मरीजों से फुल हैं। बीमारी फैलने की सबसे बड़ी वजह शहर और देहात में फैली गंदगी है।
गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं। वार्डों में गंदगी यह आलम है कि नालियां चोक हैं। कूड़ा सड़कों पर फैला है। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में शहर में फैली गंदगी का फोटो के साथ खबर प्रकाशित की थी।
इसके बाद नगर आयुक्त हरबीर सिंह खुद सफाई व्यवस्था देखने पहुंचे। नगर आयुक्त ने कई वार्डों का निरीक्षण किया। नालियों और सड़कों पर फैली गंदगी देख नाराजगी जताई।
उन्होंने सफाई नायकों को हिदायत दी कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कई वार्डों में नालियों और जलभराव वाली जगहों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. तुहिन कुमार के नेतृत्व में भी टीम ने वार्डों में दवाओं का छिड़काव किया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी बीमारी से बेखबर
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डा. तुहिन कुमार शहर में मलेरिया, डेंगू और दिमागी बुखार फैलने की बात मानने को तैयार नहीं हैं।
उनका कहना है कि नियमानुसार हर अस्पताल से डेंगू, दिमागी बुखार और मलेरिया के भर्ती मरीजों की उन्हें रिपोर्ट आनी चाहिए। लेकिन कोई अस्पताल रिपोर्ट ही नहीं देता है।
ऐसे में उनके पास बीमारी फैलने और मरीजों की संख्या का कोई आंकलन नहीं है। डा. तुहिन के मुताबिक अखबारों में छपी खबर पढ़ने के बाद ही उन्हें बीमारी फैलने की जानकारी मिली है।