मुख्यमंत्री जी उच्चशिक्षा का नया शिक्षा सत्र जुलाई से शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक राजकीय महिला महाविद्यालय में पीजी के विषयों के साथ ही बीकॉम आनर्स शुरू किए जाने की घोषणा पूरी नहीं हो सकी है। शासन का हाल यह है कि अब तक इस संबंध में कोई शासनादेश तक जारी नहीं किया गया है। पीजी के विषय शुरू होने से पहले प्राध्यापकों के पद भी सृजित होने हैं, इस प्रस्ताव पर भी शासन की मंजूरी नहीं हो सकी है।
महिला महाविद्यालय में 27 मार्च को आयोजित छात्रा संघ समारोह एवं वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री हरीश रावत और उच्चशिक्षा मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के सामने छात्राओं ने कालेज को पीजी किए जाने समेत कई मांगे रखीं थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने महिला महाविद्यालय में पीजी के नए विषय खुलवाने समेत सभी मांगे पूरी करने की घोषणा की थी।
कालेज में स्नातक स्तर पर इतिहास, भूगोल, संगीत, एमए में हिंदी, अंग्रेजी, एमकॉम, एमएससी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी और बीकॉम आनर्स शुरू किए जाने के लिए 10 मई को कुमाऊं विवि का पैनल निरीक्षण भी हो चुका है। विवि के पैनल ने प्राध्यापकों के पद सृजित होने और नए कक्षा-कक्ष बनने के प्रस्ताव के आधार पर ही पीजी के विषय खोलने की संस्तुति शासन को भेजी थी।
बावजूद इसके एक माह बाद भी शासन से नए विषयों की संबद्धता शासन से नहीं आई है। इसके अलावा महाविद्यालय में इन सब विषयों के शुरू होने जैसी भी कोई तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। उच्चशिक्षा निदेशालय भी सुस्त बना हुआ है।
बता दें कि कुमाऊं विवि ने इस बार नए सत्र में दाखिले के लिए 25 जून से प्रवेश आवेदन फार्म की बिक्री करने और जुलाई में प्रवेश प्रक्रिया संचालित किए जाने के निर्देश जारी किए, यदि इस अवधि में मंजूरी नहीं हुई तो नये सत्र में दाखिले होने मुश्किल हो जाएंगे। इसके लिए कालेज प्रशासन को 25 जून से पहले प्रास्पेक्टस भी छपवाने होंगे।
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महिला कालेज में प्राध्यापकों एवं अन्य कर्मियों के 38 पद सृजित किए जाने का प्रस्ताव काफी समय पहले शासन को भेजा जा चुका है। पीजी के विषयों एवं बीकॉम आनर्स शुरू होने की संबद्धता भी अभी शासन से आने का इंतजार है। -डा. ललित प्रभा वर्मा, कार्यवाहक निदेशक, उच्चशिक्षा
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मुख्य परीक्षाएं समाप्त होने के बाद 12 जून से 10 जुलाई तक महाविद्यालय में ग्रीष्म अवकाश घोषित किया गया है। उम्मीद है कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले पीजी के विषयों एवं बीकॉम आनर्स की मंजूरी आ जाएगी। महाविद्यालय के विकास के लिए खुद उच्चशिक्षा मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश भी लगी हैं, इसलिए उन्हें पूरी उम्मीद है कि शीघ्र जीओ जारी हो जाएगा। -डा. जीएस बिष्ट, प्राचार्य महिला कालेज