एमबीपीजी कॉलेज में मंगलवार को अंदर छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान चल रहा था और बाहर चुनावी वर्चस्व की लड़ाई सड़क तक पहुंच गई। एबीवीपी, एनएसयूआई और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच दिनभर कई बार कहासुनी और झड़प होती रही। सचिव पद के दो प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आए तो मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इससे भगदड़ और अफरातफरी मच गई। झगड़े में सचिव पद के प्रत्याशी के एक समर्थक को लहूलुहान कर दिया गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं हालात संभालने के लिए पुलिस ने चार बार लाठीचार्ज किया लेकिन फिर भी छात्र संगठनों की अराजकता नहीं थमी।
चुनाव के दौरान कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। इसके बावजूद बाहर समर्थकों की भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। मतदान केंद्र के आसपास नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन के बीच हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच भी विवाद की सूचना से माहौल गरमा गया।
वाणिज्य संकाय के पास अध्यक्ष पद के प्रत्याशी धीरज बिष्ट और आर्यन बेलवाल के समर्थक आमने-सामने आ गए। समर्थक का आरोप था कि धीरज बिष्ट ने कॉलेज में घुसकर उससे मारपीट की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति संभाली। इसी बीच एनएसयूआई प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और कांग्रेस नेताओं को मतदान परिसर में प्रचार से रोकने पर पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने मतदान केंद्र की व्यवस्था और बाहरी लोगों की मौजूदगी से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए परिसर में प्रचार की अनुमति नहीं दी। कुछ देर तक मौके पर बहस का माहौल बना रहा।
चार बार लाठीचार्ज, फिर भी अराजकता बरकरार
मंगलवार सुबह से ही पुलिस का पहरा नैनीताल रोड पर रहा लेकिन फिर भी छात्रों की अराजकता को काबू नहीं किया जा सका। नतीजा यह निकला कि सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक पुलिस ने चार बार लाठीचार्ज किया। करीब 500 मीटर तक अराजकता करने वाले छात्रों को पुलिस ने खदेड़ा। पुलिस ने नैनीताल रोड किनारे पार्कों तक में जमा भीड़ को लाठियां फटकारकर भगाया।
छात्राओं के बीच भी हुई हाथापाई
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के साथ समर्थकों के बीच तनातनी का माहौल बढ़ता चला गया। एक दूसरे को अपना वर्चस्व दिखाने के चक्कर में निर्दलीय और एबीवीपी की छात्रा समर्थक आमने-सामने आ गईं। निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल की समर्थक और एबीवीपी के अध्यक्ष पद प्रत्याशी धीरज बिष्ट की समर्थक के बीच पहले कहासुनी और फिर उनके बीच हाथापाई व धक्का-मुक्की हो गई।पुलिसकर्मियों ने दोनों को अलग कर विवाद शांत कराया।
पुलिस करती रही अनाउंसमेंट, छात्र घेरते रहे सड़क
पुलिस की कई गाड़ियों से लगातार एनाउंस होता रहा कि कॉलेज के सामने की सड़क खाली कर दी जाए और कोई छात्र वहां नहीं रुकेगा लेकिन छात्रों के समूह बार-बार अराजकता करते हुए सड़क को घेरते रहे। इसकी वजह से यातायात व्यवस्था भी ठप हो गई। मनाही के बावजूद सड़कों पर लोग प्रचार करते हुए होर्डिंग और पोस्टर बांटते रहे।
निजी गाड़ियों में बैठाकर लाए वोटर
कई प्रत्याशियों के समर्थक लग्जरी गाड़ियों से वोटरों को बैठाकर लाए और कॉलेज तक छोड़कर मतदान कराया। बताया जा रहा है कि कई गाड़ियां शहर के बड़े नेताओं और प्रमुख पदों से जुड़े लोगों की थीं। गाड़ियों में लोगों के साथ-साथ पोस्टर और छोटे होर्डिंग भी लादकर लाए गए और कॉलेज के बाहर उन्हें बांटा गया।
वन-वे किया नैनीताल रोड, ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी
सोमवार को नैनीताल पुलिस ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर रूट डायवर्जन प्लान जारी किया था। इसके बावजूद नैनीताल रोड को वन-वे कर दिया गया। इस दौरान छात्रों के हंगामे और विवाद व लाठीचार्ज के चलते कई बार ट्रैफिक व्यवस्था पर इसका असर पड़ा। वाहनों की लंबी कतार लगी रहीं। वहीं बार-बार सड़क घेरने की वजह से वाहनों को रेंगकर निकलना पड़ा।
अध्यक्ष प्रत्याशी के हिस्ट्रीशीटर भाई को हिरासत में लिया
आईटीआई गैंग के सरगना देवेंद्र बिष्ट को पुलिस ने मतदान से पहले ही हिरासत में ले लिया। देवेंद्र अध्यक्ष पद प्रत्याशी धीरज बिष्ट का भाई है। उसके खिलाफ गैंगस्टर समेत हत्या के प्रयास संबंधी मई मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि आरोपी को छात्रसंघ चुनाव प्रभावित करने की आशंका पर हिरासत में लिया गया था। वहीं दोपहर करीब 1ः30 बजे पुलिस सुरक्षा में ही देवेंद्र बिष्ट को मतदान कराने एमबीपीजी कॉलेज ले गई। यहां उसने वोट किया और उसके बाद पुलिस उसे वापस भी ले गई। एसपी सिटी ने बताया कि देवेंद्र बिष्ट के अलावा कथित धानमिल गैंग के तीन सदस्यों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।