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छात्रसंघ चुनाव: मतदाता घटे...फिर भी एमबीपीजी में बढ़ा मतदान प्रतिशत, छात्राओं ने छात्रों से अधिक उत्साह दिखाया

Tue, 29 Sep 2026 10:31 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान हुआ। इस बार कुल मतदाताओं की संख्या पिछले वर्ष से कम रही, लेकिन मतदान प्रतिशत में करीब 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 
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एमबीपीजी कॉलेज में मतदान के के बाद आर्यन को कंधे पर बैठाकर रैली निकालते समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए मंगलवार को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक मतदान हुआ। इस बार कुल मतदाताओं की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम रही, लेकिन मतदान प्रतिशत में करीब छह प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। छात्र-छात्राओं में मतदान को लेकर उत्साह नजर आया।

वर्ष 2025 में कॉलेज में कुल 13,978 मतदाता थे जिनमें 5,889 छात्रों और 8,089 छात्राओं ने मतदान किया था। कुल 1,773 छात्रों और 1,826 छात्राओं ने वोट डाला था। इस तरह कुल मतदान प्रतिशत 25.75 रहा। वहीं 2026 में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 12,800 रह गई। इनमें 5,167 छात्र और 7,633 छात्राएं शामिल रहीं। इस बार 1,932 छात्रों और 2,131 छात्राओं ने मताधिकार का प्रयोग किया और कुल मतदान प्रतिशत बढ़कर 31.74 प्रतिशत पहुंचा।

आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार मतदाताओं की संख्या 1,178 कम रही, जबकि मतदान करने वालों की संख्या 464 बढ़ी। मतदान प्रतिशत में 5.99 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। छात्राओं का मतदान इस बार भी छात्रों से अधिक रहा।

2022 11,266 4,612 40.94%

2023 8,568 3,193 37.27%

2024 — — चुनाव नहीं हुए

2025 13,978 3,599 25.75%

2026 12,800 4,063 31.74%

  •  2021 में कोविड-19 के कारण छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे। 2024 में भी छात्रसंघ चुनाव टल गए थे।
  •  2022 से पहले कोविड के चलते वर्ष 2021 में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए। 2024 में भी चुनाव टल गए थे।

छात्रसंघ चुनाव में रिश्तों की दुहाई, मुद्दों की विदाई

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एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में इस बार प्रत्याशियों के वोट मांगने के अंदाज में कुमाऊंनी रिश्तों की गर्माहट खूब दिखाई दी। चुनाव प्रचार तो खूब हुआ, लेकिन छात्रों के रोजमर्रा से जुड़े सवाल प्रचार की तस्वीर से गायब नजर आए। प्रचार के दौरान प्रत्याशी छात्राओं को दीदी, बैंणी तो छात्रों के बीच दादी जैसे संबोधन के साथ अपने पक्ष में मतदान की अपील करते नजर आए। कई प्रत्याशियों ने गुरुजनों के पैर छूकर भी आशीर्वाद मांगा।

प्रत्याशियों का जोर छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत जुड़ाव और भावनात्मक अपील पर अधिक दिखाई दिया। कॉलेज परिसर के अंदर मतदान के दौरान घूम-घूमकर समर्थन मांगने से लेकर व्यक्तिगत संपर्क तक, हर स्तर पर रिश्तों का हवाला देकर वोट मांगे गए। स्थानीय बोली और पारंपरिक संबोधनों के जरिये मतदाताओं से अपनापन बनाने की कोशिश भी नजर आई। हालांकि कॉलेज और छात्रों से जुड़े ठोस मुद्दे रिश्तों के पीछे दिखाई दिए। छात्रसंघ चुनाव में हर साल फीस, छात्र सुविधाएं, पुस्तकालय, कक्षाओं, खेल सुविधाओं, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता और परीक्षा संबंधी समस्याएं प्रमुख मुद्दे बनती रही हैं, लेकिन इस बार प्रचार में इन पर चर्चा नहीं दिखी। प्रत्याशियों के भाषण और जनसंपर्क में यह स्पष्ट नहीं दिखा कि चुनाव जीतने के बाद वे किन मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएंगे।

सुबह 9 बजे से दोपहर दो बजे तक मतदान लाइव

- सुबह 10 बजे मतदान - 2.20 फीसदी। इसमें छात्राओं का मतदान 1.50 और छात्रों का 3.15 फीसदी रहा।

- 11 बजे तक मतदान बढ़कर 5.86 फीसदी पहुंचा। छात्राओं का 4.59 और छात्रों का 7.28 फीसदी रहा।

- 12 बजे तक कुल मतदान 13.58 फीसदी रहा। छात्राओं का 13.16 और छात्रों का 14.20 फीसदी मतदान रहा।

- एक बजे तक मतदान में और तेजी आई, कुल 23.06 फीसदी। छात्राओं का मतदान 21.32 और छात्रों का 25.62 फीसदी रहा।

- दोपहर दो बजे मतदान समाप्त होने तक कुल 31.74 फीसदी मत पड़े। छात्रों की भागीदारी 37.39 और छात्राओं की 27.91 फीसदी रही। यानी अंतिम आंकड़ों में छात्रों का मतदान प्रतिशत छात्राओं की तुलना में 9.48 प्रतिशत अंक अधिक रहा।

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